यूपी में घने कोहरे और ठंड का प्रकोप
उत्तर प्रदेश में सर्दी ने अपना पूरा रंग दिखाना शुरू कर दिया है। घने कोहरे और शीतलहर के कारण कई जिलों में स्कूलों का समय बदल दिया गया है। 19 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारियों ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह आदेश जारी किया। सुबह के समय में कोहरा सबसे घना होता है, जिससे विजिबिलिटी कम हो जाती है और हादसों का खतरा बढ़ जाता है। पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी तक ठंड का असर है। स्कूल अब सुबह 10 बजे या उसके बाद शुरू हो रहे हैं। यह बदलाव प्राइमरी और जूनियर स्कूलों पर ज्यादा लागू है। ठंड से स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ रही हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कोहरे और ठंड का अलर्ट जारी किया है। यह फैसला अभिभावकों और शिक्षकों की मांग पर लिया गया।
ठंड और कोहरे की स्थिति: शीतलहर का कहर
यूपी में सर्दी ने कहर बरपा रखा है। मुख्य हालात:
- घना कोहरा – विजिबिलिटी 50 मीटर से कम।
- न्यूनतम तापमान 5-8 डिग्री।
- सर्द हवाएं – ठिठुरन बढ़ी।
- प्रभावित जिले: गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, बस्ती, देवरिया, कुशीनगर, मेरठ आदि।
- रिमझिम बारिश जैसे हालात कुछ इलाकों में।
मौसम विभाग ने कहा कि ठंड 22 दिसंबर तक रहेगी।
स्कूल टाइमिंग बदलाव: बच्चों की सुरक्षा पहले
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए कई जिलों में स्कूल समय बदला गया। मुख्य बदलाव:
- सुबह 8 बजे की बजाय 10 बजे शुरू।
- कुछ जिलों में 9:30 बजे से।
- प्राइमरी स्कूलों पर ज्यादा फोकस।
- जिला स्तर पर आदेश जारी।
- ठंड कम होने तक लागू।
अभिभावक राहत महसूस कर रहे हैं।
प्रभावित जिले: कहां सबसे ज्यादा असर
ठंड और कोहरे से प्रभावित मुख्य जिले:
- पूर्वांचल: गोरखपुर, बस्ती, देवरिया, कुशीनगर।
- मध्य यूपी: लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज।
- पश्चिमी यूपी: आगरा, मेरठ, बिजनौर।
- स्कूल टाइमिंग बदलाव इन जिलों में ज्यादा।
कई जिलों में प्राइवेट स्कूलों को भी निर्देश।
कारण: सुबह का कोहरा और ठंड
समय बदलने के मुख्य कारण:
- सुबह विजिबिलिटी कम।
- ठंड से बच्चे बीमार।
- स्कूल बस और पैदल जाने वालों का खतरा।
- हादसे बढ़े।
- अभिभावकों की मांग।
यह फैसला बच्चों के हित में है।
अन्य प्रभाव: हादसे और स्वास्थ्य
ठंड से:
- सड़कों पर हादसे।
- ट्रेनें और फ्लाइट्स लेट।
- सांस और जोड़ों की समस्या।
- फसलें प्रभावित।
- बिजली खपत बढ़ी।