राम मंदिर: डॉ रामविलास दास वेदांती का निधन
अयोध्या। राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख किरदार और पूर्व सांसद डॉ रामविलास दास वेदांती का 15 दिसंबर 2025 को निधन हो गया। वे 68 वर्ष के थे। अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर अयोध्या लाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। डॉ वेदांती राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय रहे और कारसेवकों का नेतृत्व किया था। उनका निधन राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ से ठीक पहले हुआ है। राम मंदिर ट्रस्ट और BJP नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
यह निधन राम मंदिर आंदोलन के इतिहास में एक युग का अंत माना जा रहा है। इस ब्लॉग में हम डॉ रामविलास दास वेदांती के निधन की पूरी डिटेल्स, उनका योगदान, पार्थिव शरीर अयोध्या लाने की व्यवस्था, श्रद्धांजलि और राम मंदिर आंदोलन पर प्रभाव बताएंगे। यदि आप राम मंदिर आंदोलन से जुड़े हैं, तो ये अपडेट्स आपके लिए महत्वपूर्ण हैं।
निधन की खबर: 68 वर्ष की आयु में अंत
डॉ रामविलास दास वेदांती का निधन लखनऊ में इलाज के दौरान हुआ। वे लंबे समय से बीमार थे। मुख्य बिंदु:
- आयु: 68 वर्ष।
- निधन तिथि: 15 दिसंबर 2025।
- स्थान: लखनऊ।
- कारण: लंबी बीमारी।
- पार्थिव शरीर: अयोध्या लाया जाएगा, सरयू तट पर अंतिम संस्कार संभावित।
परिवार ने कहा, “वे राम भक्ति में लीन थे। उनका सपना राम मंदिर पूरा हुआ।”
राम मंदिर आंदोलन में भूमिका: प्रमुख किरदार
डॉ वेदांती राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में थे। मुख्य योगदान:
- 1992 कारसेवा में सक्रिय भूमिका।
- राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य।
- पूर्व सांसद (भदोही से)।
- राम कथा वाचक और संत।
- आंदोलन में हजारों कारसेवकों का नेतृत्व।
वे कहते थे, “राम मंदिर मेरा जीवन मिशन था।”
पार्थिव शरीर अयोध्या लाने की व्यवस्था
पार्थिव शरीर को लखनऊ से अयोध्या लाया जाएगा। मुख्य व्यवस्था:
- सरयू तट पर अंतिम दर्शन।
- राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्रद्धांजलि।
- हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।
- अंतिम संस्कार राम भक्ति के साथ।
ट्रस्ट ने कहा, “वे राम मंदिर के सच्चे सिपाही थे।”
श्रद्धांजलि: नेताओं और संतों का शोक
- योगी आदित्यनाथ: “राम मंदिर आंदोलन के महान योद्धा का निधन दुखद है।”
- PM मोदी: “उनका योगदान अमर रहेगा।”
- राम मंदिर ट्रस्ट: विशेष श्रद्धांजलि सभा।