गोरखपुर में डॉक्टर पंकज पर रंगदारी का मामला
वायरल ऑडियो ने मचाई हलचल: डॉक्टर पर रंगदारी का आरोप
गोरखपुर में एक वायरल ऑडियो ने सनसनी फैला दी है। ऑडियो में एक व्यक्ति डॉक्टर पंकज को कथित तौर पर रंगदारी की धमकी दे रहा है। पुलिस जांच में आरोपी बिट्टू खान निकला, जो एंबुलेंस व्यवसाय से जुड़ा है। जब पुलिस ने डॉक्टर पंकज को CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) दिखाए तो वे घबरा गए और बोले कि ऑडियो पुराना है। जांच में दोनों के बीच पुराने व्यावसायिक रिश्ते की पुष्टि हुई है।
CDR से खुलासा: पुराने रिश्ते और कमीशन का खेल
सूत्रों के मुताबिक डॉक्टर पंकज अपने अस्पताल में बिहार से मरीज लाने के लिए बिट्टू खान की एंबुलेंस का इस्तेमाल करते थे। इसके बदले में डॉक्टर कमीशन देते थे। यह व्यवस्था लंबे समय से चल रही थी। हाल ही में बिट्टू खान ने मरीजों को डॉक्टर पंकज के अस्पताल की बजाय सान्वी अस्पताल भेजना शुरू कर दिया। इससे डॉक्टर नाराज हो गए और अस्पताल प्रबंधक अजय शर्मा से बात की। इसी विवाद को लेकर बात बढ़ी और धमकी-रंगदारी का मामला सामने आया।
पुलिस ने CDR चेक किए तो पता चला कि दोनों के बीच सैकड़ों कॉल्स हुए हैं। डॉक्टर ने शुरुआत में ऑडियो को नकारा, लेकिन सबूत देखकर बोले कि यह पुराना है और अब कोई विवाद नहीं है।
पुलिस जांच: व्यावसायिक विवाद बना रंगदारी का कारण
गोरखपुर पुलिस ने मामले की गहन जांच की। जांच में सामने आया कि यह कोई नया झगड़ा नहीं, बल्कि पुराने कमीशन व्यवसाय का विवाद है। बिट्टू खान ने मरीजों को दूसरे अस्पताल भेजने से डॉक्टर को नुकसान हुआ, जिसके बाद डॉक्टर ने विरोध जताया। बातचीत के दौरान बात बिगड़ी और ऑडियो रिकॉर्ड हो गया। पुलिस ने दोनों पक्षों से पूछताछ की और एंबुलेंस-मरीज रेफरल सिस्टम की भी जांच शुरू की।
वायरल ऑडियो का सच: क्या कहा गया?
वायरल ऑडियो में बिट्टू खान कथित तौर पर डॉक्टर से पैसे मांगते हुए सुनाई दे रहे हैं। धमकी भरे लहजे में कहा गया है कि यदि पैसे नहीं दिए तो परिणाम भुगतने पड़ेंगे। डॉक्टर ने इसे पुराना बताते हुए कहा कि अब कोई मुद्दा नहीं बचा है। पुलिस का कहना है कि ऑडियो की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है ताकि समय और संदर्भ साफ हो सके।
अस्पताल और एंबुलेंस रैकेट: गोरखपुर में आम समस्या
गोरखपुर जैसे शहरों में एंबुलेंस ऑपरेटर और अस्पतालों के बीच मरीज रेफर करने का कमीशन सिस्टम खुलेआम चलता है। बिहार, नेपाल और आसपास के इलाकों से
मरीज लाने वाले एंबुलेंस वाले डॉक्टरों को कमीशन देते हैं। यदि कोई अस्पताल ज्यादा कमीशन देता है तो
उसे प्राथमिकता मिलती है। इस मामले में यही पुराना सिस्टम विवाद का कारण बना।
पुलिस ने कहा कि ऐसे रैकेट पर नकेल कसने के लिए जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
दोनों पक्षों का बयान: डॉक्टर और बिट्टू खान चुप
डॉक्टर पंकज ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया और कहा कि मामला पुलिस में है।
बिट्टू खान भी फिलहाल चुप हैं। पुलिस ने दोनों को नोटिस जारी किया है और
पूछताछ के लिए बुलाया है। यदि कमीशन का खेल साबित हुआ तो
दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।
समाज पर असर: मरीजों का भरोसा टूट रहा
यह मामला मरीजों और उनके परिजनों के लिए चिंता का विषय है।
एंबुलेंस और अस्पतालों के बीच का यह खेल मरीजों की जान से
खिलवाड़ करता है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर सख्ती बरती जाएगी।
गोरखपुर में ऐसे मामलों पर नजर रखी जा रही है ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता आए।
अब सभी की नजरें पुलिस जांच के नतीजों पर टिकी हैं कि क्या
यह सिर्फ व्यावसायिक विवाद था या रंगदारी का संगठित खेल।