गोरखपुर में कंबल वितरण
गोरखपुर में एक कंबल वितरण समारोह, जो गरीबों की मदद के लिए आयोजित किया गया था, अचानक राजनीतिक विवाद में बदल गया। कार्यक्रम के दौरान मंच पर हुए झगड़े ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। पूर्व प्रमुख के पति ने सभासद पर तहरीर दी, जिसके आधार पर सभासद के खिलाफ मामला दर्ज हो गया। थानेदार मौके पर पहुंचे और विवाद को शांत करने के लिए सभासद संदीप गुप्ता को थाने भेज दिया। बाद में मामला शांत होने पर उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन इससे नाराज क्षेत्रीय विधायक महेंद्र पाल सिंह और आनंद शाही के समर्थकों ने सड़क पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
घटना का पूरा विवरण
समारोह नगर पालिका के एक वार्ड में आयोजित था, जहां सर्दी के मौसम में गरीब परिवारों को कंबल वितरित किए जा रहे थे। मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय सभासद और पूर्व प्रमुख मौजूद थे। कार्यक्रम के बीच में ही मंच पर तीखी बहस शुरू हो गई। पूर्व प्रमुख के पति ने सभासद संदीप गुप्ता पर आरोप लगाया कि उन्होंने वितरण में पक्षपात किया और कुछ लोगों को कंबल नहीं दिए। बात बढ़ते-बढ़ते हाथापाई तक पहुंच गई।
मौके पर मौजूद थानेदार ने स्थिति को संभालने के लिए तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने सभासद को मंच से हटाकर थाने भेज दिया। थोड़ी देर बाद जब मामला शांत हुआ और दोनों पक्षों ने समझौता किया, तो संदीप गुप्ता को छोड़ दिया गया। लेकिन इस बीच पूर्व प्रमुख के पति ने थाने में तहरीर दे दी, जिसके आधार पर सभासद के खिलाफ धारा 323 (मारपीट), 504 (अपमान) और 506 (धमकी) के तहत मामला दर्ज हो गया।
विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम
इस घटना से नाराज क्षेत्रीय विधायक महेंद्र पाल सिंह और उनके करीबी आनंद शाही के समर्थकों ने तुरंत रिएक्शन दिया। शाम करीब 7 बजे उन्होंने मुख्य सड़क पर टायर जलाकर और नारे लगाकर चक्काजाम शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने थानेदार पर पक्षपात का आरोप लगाया और सभासद को तुरंत बरी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि “यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई है। गरीबों के लिए कंबल बांटने वाले को अपराधी बनाया जा रहा है।”
प्रदर्शन लगभग 2 घंटे तक चला, जिसमें करीब 200 लोग शामिल थे। पुलिस ने बातचीत के जरिए
स्थिति संभाली और प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।
बाद में विधायक महेंद्र पाल सिंह ने एसएसपी से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई।
राजनीतिक प्रभाव
यह घटना गोरखपुर की स्थानीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर रही है। सभासद संदीप गुप्ता का कहना है
कि यह पूर्व प्रमुख पक्ष की साजिश है।
वहीं पूर्व प्रमुख परिवार इसे “सत्ता के दुरुपयोग” का मामला बता रहा है।
आनंद शाही और महेंद्र पाल सिंह के समर्थकों का
प्रदर्शन दिखाता है कि यह विवाद अब विधानसभा स्तर तक पहुंच चुका है।
गोरखपुर में कंबल वितरण जैसे नेक काम का समारोह राजनीतिक झगड़े में बदल गया।
पूर्व प्रमुख पति की तहरीर, सभासद पर केस और फिर चक्काजाम प्रदर्शन –
यह सब दिखाता है कि स्थानीय स्तर पर छोटी-छोटी बातें कितनी जल्दी बड़ी हो जाती हैं।
पुलिस ने मामले को शांत करने की कोशिश की है,
लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है। उम्मीद है कि