हॉर्मुज जलडमरूमध्य
पश्चिम एशिया में चल रही तनावपूर्ण स्थिति के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य अब वैश्विक ध्यान का केंद्र बन गया है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के 16 माइन बिछाने वाले जहाजों को नष्ट कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हमले का वीडियो भी जारी किया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि अगर कोई माइंस बिछाए गए हैं तो उन्हें तुरंत हटाया जाए, वरना परिणाम “पहले कभी न देखे गए” स्तर के होंगे।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल चोकपॉइंट
हॉर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है। दुनिया का लगभग 20% तेल और बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस इसी संकरे रास्ते से गुजरता है। रोजाना लाखों बैरल तेल यहां से होकर यूरोप, एशिया और अमेरिका पहुंचता है। अगर ईरान ने माइंस बिछाने की कोशिश की तो वैश्विक तेल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो सकती है, जिससे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है।
अमेरिकी सेना के अनुसार, ईरान ने माइन बिछाने की तैयारी की थी। CENTCOM ने 10 मार्च 2026 को घोषणा की कि अमेरिकी बलों ने हॉर्मुज के पास ईरान के कई नौसैनिक जहाजों पर हमला किया, जिसमें 16 माइन-लेइंग वेसल्स को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। हमले में मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। ट्रंप ने Truth Social पर पोस्ट किया कि पहले 10 “inactive” माइन-लेइंग बोट्स को तबाह किया गया, और और भी कार्रवाई जारी रहेगी।
ट्रंप की कड़ी चेतावनी और अमेरिकी कार्रवाई
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “अगर ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट में कोई माइंस बिछाए हैं, तो उन्हें IMMEDIATELY हटाया जाए! अगर नहीं हटाए गए, तो ईरान को पहले कभी न देखे गए सैन्य परिणाम भुगतने पड़ेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि कोई भी जहाज माइंस बिछाने की कोशिश करेगा तो उसे “तेजी से और हिंसक रूप से” निपटाया जाएगा।
यह कार्रवाई अमेरिका की “Operation Epic Fury” का हिस्सा बताई जा रही है, जिसमें ईरान के नौसैनिक ठिकानों पर
लगातार हमले हो रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे “सबसे तीव्र दिन” बताया है।
ईरान ने इन हमलों को “आतंकवादी कार्रवाई” करार दिया है और जवाबी हमलों की धमकी दी है।
क्या बढ़ता तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति को खतरे में डाल सकता है?
हां, बिल्कुल। हॉर्मुज बंद होने से तेल की कीमतें 100-150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
कई देशों में ईंधन संकट, महंगाई और आर्थिक मंदी का खतरा है।
अमेरिका ने पहले ही तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करने की बात कही है, लेकिन स्थिति अभी भी नाजुक है।
ईरान के पास माइन और अन्य हथियार हैं, जो छोटी नौकाओं से भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
क्या होगा आगे?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव बढ़ा तो पूर्ण युद्ध की स्थिति बन सकती है।
अमेरिका और उसके सहयोगी हॉर्मुज को सुरक्षित रखने के लिए तैयार हैं,
लेकिन ईरान भी पीछे नहीं हट रहा। वैश्विक समुदाय से अपील है कि डिप्लोमेसी से स्थिति संभाली जाए।
यह घटना मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष को और जटिल बना रही है। छात्रों, व्यापारियों और
आम लोगों के लिए तेल कीमतों में उछाल का असर जल्द दिख सकता है।
