
दहेज हत्या का अपराध: गोरखपुर बेलघाट थाना में 2 अभियुक्त गिरफ्तार, एसएसपी अभियान की बड़ी सफलता
गोरखपुर, 24 फरवरी 2026: जनपद गोरखपुर के थाना बेलघाट क्षेत्र में दहेज हत्या के गंभीर अपराध को अंजाम देने के आरोप में पुलिस ने एक अभियुक्त और एक अभियुक्ता को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गोरखपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे महिला संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने वाले विशेष अभियान में यह कार्रवाई की गई है।
पुलिस अधीक्षक दक्षिणी के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी खजनी के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष बेलघाट के नेतृत्व में उ0नि0 आशीष त्रिपाठी मय टीम ने थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 संख्या 275/85/50(2)/115(2)/352 बीएनएस तथा ¾ डीपी एक्ट के अंतर्गत अभियुक्त श्यामनरायन और अभियुक्ता रमावती उर्फ तारा को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया। यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर दहेज लोभियों को चेतावनी देती है, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस की सख्ती को भी दर्शाती है। अग्रिम विधिक कार्यवाही तेजी से की जा रही है, जिससे पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण और पता
पकड़े गए अभियुक्तों की पूरी जानकारी निम्नलिखित है:
श्यामनरायन पुत्र सरजू, निवासी ग्राम बेईली कुण्ड, थाना बेलघाट, जनपद गोरखपुर।
रमावती उर्फ तारा पत्नी श्यामनरायन, निवासी ग्राम बेईली कुण्ड, थाना बेलघाट, जनपद गोरखपुर।
दोनों आरोपी दहेज के लालच में हत्या जैसे जघन्य अपराध में लिप्त पाए गए। ग्रामीण इलाके में दहेज की समस्या लंबे समय से चली आ रही है, और इस गिरफ्तारी से क्षेत्रवासियों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि दहेज हत्या, घरेलू हिंसा या महिला उत्पीड़न जैसे मामलों में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
अभियोग का पूरा विवरण: मुकदमा संख्या
275/85/50(2)/115(2)/352 बीएनएस व ¾ डीपी एक्ट
यह गिरफ्तारी थाना बेलघाट, जनपद गोरखपुर में दर्ज मुकदमे से संबंधित है। धाराओं का विस्तार इस प्रकार है:
बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 50(2), 115(2), 352: ये धाराएं हत्या, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी से जुड़ी हैं, जो दहेज हत्या के मूल अपराध को कवर करती हैं।
¾ डीपी एक्ट (दहेज निषेध अधिनियम): दहेज मांगने, प्रताड़ित करने और हत्या के लिए विशेष रूप से बनाई गई धारा, जो 6 माह से अधिक की सजा सुनिश्चित करती है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी दहेज न देने पर पीड़िता को लगातार प्रताड़ित करते रहे, जो अंततः हत्या का रूप ले लिया। यह मामला दहेज प्रथा की कुरूपता को उजागर करता है, जहां नई दुल्हन को दहेज के लिए जिंदा जलाने या अन्य तरीकों से मारने की घटनाएं आम हो गई हैं। गोरखपुर जिले में पिछले वर्ष 50 से अधिक ऐसे मामले दर्ज हुए, और एसएसपी अभियान ने 70% से ज्यादा अभियुक्तों को पकड़ लिया।
गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम
कार्रवाई में थाना बेलघाट की सतर्क टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई:
उ0नि0 आशीष त्रिपाठी, थाना बेलघाट, गोरखपुर।
उ0नि0 अमित प्रजापति, थाना बेलघाट, गोरखपुर।
का0 अशोक कुमार, थाना बेलघाट, गोरखपुर।
म0का0 बिभा शुक्ला, थाना बेलघाट, गोरखपुर।
टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर अभियुक्तों को घेराबंदी कर पकड़ा। एसएसपी ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। यह अभियान न केवल गोरखपुर बल्कि पूरे पूर्वांचल में महिला सुरक्षा को मजबूत कर रहा है।
महिला अपराधों पर एसएसपी अभियान की सफलता और भविष्य की रणनीति
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर ने महिलाओं से अपील की है कि दहेज या घरेलू हिंसा की शिकायत 112 या थाने में तुरंत करें। अभियान के तहत सीसीटीवी, हेल्पलाइन और जागरूकता कैंप चलाए जा रहे हैं। 2026 में अब तक 150 से अधिक अभियुक्त गिरफ्तार हो चुके हैं। दहेज हत्या रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता जरूरी है – माता-पिता बेटियों को सशक्त बनाएं, दहेज न लें। यह गिरफ्तारी एक मिसाल है कि कानून अपराधियों को छोड़ने वाला नहीं। अधिक जानकारी के लिए थाना बेलघाट से संपर्क करें।