गोरखपुर में जंगल कौड़िया
गोरखपुर की रिंग रोड पूरी होने वाली है – तेजी से बढ़ रहा निर्माण कार्य
गोरखपुर शहर के विकास में एक महत्वपूर्ण कड़ी जंगल कौड़िया-जगदीशपुर फोरलेन रिंग रोड अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। लंबे समय से मुआवजा विवाद और अन्य चुनौतियों के कारण लटका यह प्रोजेक्ट अब तेज रफ्तार पकड़ रहा है। एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारियों ने काम में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए हैं, और हालिया अपडेट के अनुसार अक्टूबर तक यह महत्वपूर्ण रिंग रोड सेक्शन पूरा हो सकता है।
यह 26 किलोमीटर लंबा फोरलेन बाईपास गोरखपुर शहर को चारों ओर से रिंग रोड से जोड़ेगा, जिससे शहर के अंदर ट्रैफिक जाम काफी हद तक कम होगा।
प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि और महत्व
जंगल कौड़िया से जगदीशपुर तक यह रिंग रोड गोरखपुर की कुल रिंग रोड का अंतिम हिस्सा है। पहले ही कालेसर से जंगल कौड़िया और कालेसर से जगदीशपुर तक के सेक्शन यातायात के लिए खुल चुके हैं। इस अंतिम हिस्से के पूरा होने से:
- गोरखपुर शहर का पूरा रिंग रोड सर्किट तैयार हो जाएगा
- नेपाल, बिहार, देवरिया, लखनऊ और वाराणसी जाने वाले वाहनों को शहर से होकर गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी
- ट्रैफिक जाम में कमी, ईंधन बचत और प्रदूषण नियंत्रण
- आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक और आवासीय विकास को बढ़ावा
यह प्रोजेक्ट नया गोरखपुर योजना और हाईवे फेसिलिटी जोन के तहत भी अहम भूमिका निभाएगा।
निर्माण में आई तेजी – क्या है लेटेस्ट अपडेट?
हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर दौरे के दौरान इस रिंग रोड प्रोजेक्ट का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गुणवत्ता बनाए रखते हुए काम में और तेजी लाई जाए।
- मिट्टी पटाव और अन्य प्रारंभिक कार्य पूरे हो चुके हैं
- किसानों के मुआवजे का भुगतान तेजी से हो रहा है
- बारिश के बाद कार्य फिर से शुरू हुआ और अब पूरे जोश के साथ चल रहा है
अधिकारियों का कहना है कि यदि मौसम सहयोग करता रहा तो अक्टूबर तक यह सेक्शन जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इससे पहले दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अब समयसीमा आगे लाई गई है।
लाभार्थी कौन होंगे? शहरवासियों को क्या फायदा?
- ट्रैफिक जाम से मुक्ति: शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाले भारी वाहनों की संख्या घटेगी
- समय और ईंधन की बचत: लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को आसान रास्ता
- आर्थिक विकास: रिंग रोड के किनारे नए औद्योगिक क्षेत्र, लॉजिस्टिक पार्क और आवासीय कॉलोनियां विकसित होंगी
- सुरक्षा बढ़ेगी: बेहतर सड़क और कम भीड़भाड़ से दुर्घटनाओं में कमी
चुनौतियां और समाधान
पिछले वर्षों में मुआवजा विवाद, किसानों का विरोध और बारिश जैसी प्राकृतिक बाधाओं ने काम को प्रभावित किया। लेकिन अब एनएचएआई और जिला प्रशासन के सहयोग से अधिकांश मुद्दे सुलझ चुके हैं। किसानों को उचित मुआवजा मिल रहा है और वे विकास कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
गोरखपुर का नया चेहरा तैयार होने वाला है
जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड का पूरा होना गोरखपुर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। यह न केवल ट्रैफिक समस्या का समाधान करेगा, बल्कि शहर को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ पूर्वांचल का प्रमुख हब भी बनाएगा।
अक्टूबर तक उम्मीद है कि गोरखपुरवासी इस नई रिंग रोड पर सफर का मजा ले सकेंगे!
सभी गोरखपुरवासियों को बधाई और शुभकामनाएं!