जगद्गुरु परमहंसाचार्य को
अयोध्या में धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के केंद्र में रहे जगद्गुरु परमहंसाचार्य को लगातार खतरा मिल रहा है। मात्र 15 दिनों के अंदर यह दूसरी बार है जब उन्हें फोन पर जान से मारने की धमकी मिली है। धमकी देने वाले ने पहले अपशब्द कहे और फिर स्पष्ट रूप से कहा, “तुम्हें मार डालेंगे।” जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने तुरंत अयोध्या पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धमकी का पूरा विवरण: क्या हुआ था?
जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने बताया कि धमकी आज सुबह करीब 10:30 बजे एक अज्ञात नंबर से आई। फोन करने वाले ने पहले अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और फिर गंभीर धमकी दी। जगद्गुरु ने कहा, “मैंने धमकी देने वाले से कहा कि यदि मेरे खिलाफ कोई शिकायत है तो वह कानूनी तरीके से सामने आए, लेकिन उसने सिर्फ गाली-गलौज और मौत की धमकी दी।” उन्होंने बताया कि यह धमकी पिछले 15 दिनों में दूसरी बार है। पहली धमकी भी इसी तरह के अज्ञात नंबर से आई थी।
जगद्गुरु परमहंसाचार्य अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े प्रमुख संतों में से एक हैं। वे अक्सर धार्मिक सभाओं, गौ-संरक्षण और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं। हाल के दिनों में उन्होंने कुछ विवादास्पद बयान दिए थे, जिससे कुछ तत्वों में नाराजगी हो सकती है।
पुलिस जांच और सुरक्षा व्यवस्था
अयोध्या पुलिस ने धमकी की शिकायत पर तुरंत FIR दर्ज की है। एसएसपी अयोध्या ने बताया कि कॉल का नंबर ट्रेस किया जा रहा है और कॉल लोकेशन की जांच चल रही है। साइबर सेल और स्थानीय थाना मिलकर मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। पुलिस ने जगद्गुरु परमहंसाचार्य को व्यक्तिगत सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया है। उनके आवास और मठ के आसपास गश्त बढ़ा दी गई है।
पुलिस ने कहा कि यह धमकी गंभीर प्रकृति की है और इसे हल्के में नहीं लिया जा रहा। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धमकी देने वाला व्यक्ति कौन है और उसका मकसद क्या है।
धार्मिक संगठनों और संतों में आक्रोश
यह घटना अयोध्या के संत समाज में चिंता का विषय बन गई है। कई संतों ने कहा कि
जगद्गुरु परमहंसाचार्य जैसे सम्मानित गुरु को धमकी मिलना अस्वीकार्य है।
वे सरकार और पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अखिल भारतीय संत समिति के कुछ सदस्यों ने कहा कि यदि जांच में देरी हुई तो
वे लखनऊ में विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।
यह मामला उत्तर प्रदेश में धार्मिक गुरुओं की सुरक्षा और
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दे को फिर से उजागर कर रहा है।
अयोध्या जैसे पवित्र शहर में ऐसी घटनाएं चिंताजनक हैं, जहां लाखों श्रद्धालु आते हैं।
क्या है आगे की राह?
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी होगी। जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने कहा कि
वे धमकियों से नहीं डरते और अपने विचारों पर अडिग रहेंगे।
उन्होंने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है।
अयोध्या पुलिस और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रही है। जांच के नतीजे आने पर स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल, जगद्गुरु की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
