टूर्नामेंट माना जाता है, और इसका नाम और प्रारूप समय के साथ बदलता रहा है। इसकी स्थापना वर्ष 1955 में “यूरोपीय चैंपियन क्लब कप” नाम से हुई थी, जिसे बाद में 1992 में “UEFA Champions League” कहा जाने लगा जो आज तक जारी है
1955 से 1992 तक यह प्रतियोगिता “यूरोपियन कप” कहलाती थी। 1992 के बाद इसे आधिकारिक तौर पर “UEFA Champions League” नाम दिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य यूरोप के शीर्ष क्लबों के बीच मुकाबला कराना था, जिससे महाद्वीपीय स्तर पर क्लब फुटबॉल को बढ़ावा मिले
2024-25 सीजन से UEFA Champions League का प्रारूप काफी बदल गया है। अब इसमें 36 टीमें सीधे लीग चरण में भाग लेंगी, और पारंपरिक ग्रुप स्टेज की जगह एकल लीग प्रणाली आई है
हर टीम को 8 लीग मैच खेलने होते हैं और इसके बाद नॉकआउट राउंड शुरू होता है। टीमों की क्वालीफिकेशन घरेलू लीग प्रदर्शन व UEFA गुणांक से तय होती है।
UEFA Champions League का फाइनल दुनिया में सबसे देखे जाने वाले खेल आयोजनों में से एक है, जिससे इसकी प्रतिष्ठा और वैश्विक भव्यता बरकरार रहती है
