राहुल के आरोप झूठे, डाउनलोड की जा सकती हैं डिजिटल मतदाता सूचियां : चुनाव आयोग
कांग्रेस नेता ने किया था दावा मतदाता सूचियों की डिजिटल प्रतियां उपलब्ध नहीं
नई दिल्ली, संवाददाता : चुनाव आयोग ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के उस आरोप को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मतदाता सूचियों की डिजिटल प्रतियां उपलब्ध नहीं हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी व्यक्ति मतदाता सूची आयोग की वेबसाइट से मुफ्त में डाउनलोड कर सकता है।
आयोग ने वेबसाइट का लिंक जारी किया, कहा – कोई भी मतदाता सूची को राजनीतिक दल, स्वयंसेवी संगठन एवं आम लोग https://voters.eci.gov.in/download-eroll लिंक के माध्यम से 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किसी भी मतदान क्षेत्र की मतदाता सूची देख सकते हैं।
राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि सरकार ने 1960 के नियम के तहत “मान्य प्राप्त मतदाता सूची की डिजिटल प्रति” उपलब्ध कराने का प्रावधान खत्म कर दिया है, ताकि विपक्षी दलों को नुकसान पहुंचाया जा सके।
आयोग ने इसे गलत बताते हुए कहा कि मतदाता सूची डाउनलोड करने के लिए केवल कैप्चा कोड डालना होता है और किसी भी तरह का लॉगिन या पासवर्ड नहीं चाहिए।
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लोकसभा की रक्षा लड़ाई बताते हुए राहुल ने कहा था कि चुनाव के लिए एक ईमानदारी भरा माहौल जरूरी है। राहुल ने दावा किया कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की डिजिटल प्रतियां उपलब्ध कराना बंद कर दिया है। अब कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता जयराम रमेश ने भी नोटिस साझा करते हुए कहा कि आयोग ने बिना वजह राहुल को निशाना बनाया है।
जयराम रमेश ने कहा कि आयोग को राहुल गांधी का वीडियो देखकर उसमें की गई बातों का सही संदर्भ समझना चाहिए था।
आयोग की सफाई
चुनाव आयोग ने कांग्रेस, भाजपा और अन्य सभी दलों को मतदाता सूची उपलब्ध कराई है। आयोग ने कहा कि 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सभी मतदाता सूचियां वेबसाइट पर मुफ्त उपलब्ध हैं।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि मतदाता सूची डाउनलोड करने के लिए केवल कैप्चा डालना पड़ता है।
वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस ने शुरू किए मोबाइल एप, वेबसाइट
कांग्रेस मुख्यालय, नई दिल्ली : कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2024 से पहले मतदाता सूची में गड़बड़ी और वोट चोरी रोकने के लिए एक मोबाइल एप और वेबसाइट लॉन्च की है। इसमें कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे घर-घर जाकर मतदाता सूची में नाम की जांच करें और गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत रिपोर्ट करें।
इसके लिए शुरू किए गए एप और वेबसाइट पर कोई भी मतदाता अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज कर सकता है। मोबाइल नंबर दर्ज होने के बाद उसे ओटीपी के जरिए वेरिफाई किया जाएगा।
पार्टी ने कहा है कि इस तरह से इकट्ठा की गई शिकायतों को चुनाव आयोग और अदालत में पेश किया जाएगा। कांग्रेस ने मतदाता सूची से नाम काटने और स्थानांतरण रोकने के लिए मतदाता सूची के डिजिटलीकरण की मांग की है।
पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि यह अभियान 9650003240 के व्हाट्सऐप नंबर और मोबाइल एप के माध्यम से चलेगा।