पूर्व विधायक
EX MLA की कंडम लग्जरी SUV ने ली युवक की जान
उत्तर प्रदेश में एक बार फिर VIP कल्चर और लापरवाही की राजनीति सुर्खियों में है। पूर्व विधायक के नाम पर रजिस्टर्ड एक लग्जरी SUV (टोयोटा फॉर्च्यूनर) ने बाइक सवार युवक को टक्कर मारकर उसकी मौत कर दी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गाड़ी परिवहन विभाग द्वारा पहले ही कंडम घोषित हो चुकी थी और इसका रजिस्ट्रेशन (RC) रद्द किया जा चुका था। इसके बावजूद यह गाड़ी बेधड़क सड़कों पर दौड़ रही थी और तीन बार चालान भी हो चुका था।
हादसे का पूरा विवरण: शादी से लौट रहा था युवक
हादसा महाराजगंज जिले के चिलुआ ताल थाना क्षेत्र में हुआ। मृतक युवक रामप्रताप (32 वर्ष), निवासी ग्राम पिपरिया, एक शादी समारोह में वीडियोग्राफी करने गया था। रात करीब 10 बजे वह बाइक से घर लौट रहा था। अचानक पीछे से तेज रफ्तार में आई लग्जरी SUV ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रामप्रताप सड़क पर उछलकर जा गिरा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि SUV चालक ने रुकने की बजाय गाड़ी तेज करके मौके से फरार होने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने शोर मचाकर पुलिस को सूचना दी। चिलुआ ताल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
गाड़ी कंडम घोषित, फिर भी सड़क पर: पुलिस जांच में खुलासा
प्रारंभिक जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि यह लग्जरी SUV कानूनी रूप से सड़क पर चलने योग्य नहीं थी। परिवहन विभाग ने इसे कंडम घोषित कर RC रद्द कर दिया था। गाड़ी वर्ष 2018 में फाइनेंस पर ली गई थी और उसके बाद से कई बार नियमों का उल्लंघन होने पर चालान कट चुके थे। इसके बावजूद पूर्व विधायक के नाम पर गाड़ी नियमित रूप से इस्तेमाल हो रही थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गाड़ी का नंबर UP 60 से शुरू होता है और यह महाराजगंज जिले के एक पूर्व विधायक के नाम पर रजिस्टर्ड थी। हादसे के बाद पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश तेज कर दी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कंडम घोषित गाड़ी को सड़क पर उतारने के लिए कौन जिम्मेदार है।
परिवार में कोहराम, ग्रामीणों में आक्रोश
रामप्रताप परिवार का इकलौता कमाने वाला था। उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे सदमे में हैं। परिवार ने चिलुआ ताल थाने पर
न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने सड़क जाम करने की धमकी दी, लेकिन
पुलिस ने समझा-बुझाकर स्थिति संभाली।
SP महाराजगंज ने कहा कि हादसे की
मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी।
VIP कल्चर और कंडम वाहनों का दुरुपयोग: बड़ा सवाल
यह घटना उत्तर प्रदेश में VIP कल्चर और कंडम घोषित वाहनों के दुरुपयोग को उजागर करती है।
कई बार पूर्व विधायकों, मंत्रियों और प्रभावशाली लोगों की
गाड़ियां नियमों से ऊपर मानी जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि परिवहन विभाग को
ऐसे वाहनों पर सख्त निगरानी रखनी चाहिए और RC रद्द होने के बाद भी चलने पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने IPC 304A (लापरवाही से मौत) और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
गाड़ी चालक और मालिक से पूछताछ की जाएगी।
जिलाधिकारी ने मृतक परिवार को 5 लाख रुपये की राहत राशि देने का आदेश दिया है।
यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है।