2026 की शुरुआत के साथ उत्तर भारत कड़ाके की ठंड की चपेट में है। पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी हो रही है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार समेत कई राज्यों में शीतलहर का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। न्यूनतम तापमान कई जगहों पर 2-4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना है।
पहाड़ों पर बर्फबारी: पर्यटकों की खुशी, स्थानीय लोगों की मुसीबत
हिमाचल प्रदेश के मनाली, शिमला, कुल्लू और लाहौल-स्पीति में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। कई ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 2-3 फीट बर्फ जमा हो गई। उत्तराखंड के औली, मसूरी, केदारनाथ और बद्रीनाथ में भी बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग, सोनमर्ग और श्रीनगर में तापमान माइनस 8 डिग्री तक पहुंच गया है।
पर्यटक इन नजारे का लुत्फ उठा रहे हैं, होटल बुकिंग्स बढ़ गई हैं। लेकिन स्थानीय लोगों के लिए परेशानी बढ़ी है – कई सड़कें बंद, बिजली गुल और सप्लाई बाधित। प्रशासन ने एवलांच अलर्ट जारी किया है और सड़कें खोलने का काम तेज कर दिया है।

स्वास्थ्य जोखिम और राहत कार्य
ठंड से सर्दी-खांसी, अस्थमा और हार्ट संबंधी बीमारियां बढ़ी हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी।
बुजुर्ग और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित। प्रशासन ने अलाव जलवाए, रैन बसेरे खोले।
किसानों को फसलों को बचाने की सलाह दी गई।
मौसम का कारण और आगे का पूर्वानुमान
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और ला नीना प्रभाव से यह ठंड पड़ रही है।
जनवरी मध्य तक ऐसी स्थिति बने रहने की उम्मीद।
सावधानी बरतें, गर्म रहें
उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप अभी और बढ़ सकता है। गर्म कपड़े पहनें, बाहर निकलते समय सतर्क रहें।
मौसम अपडेट चेक करें और जरूरतमंदों की मदद करें। स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें!