गोरखपुर में बाढ़ के बीच CMO का दौरा, प्रभावित गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के निर्देश

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

डेरवा के लखनौरा-लखनौरी में स्वास्थ्य शिविर का लिया जायजा, गर्भवती महिलाओं की देखभाल और सुरक्षित प्रसव की तैयारी पर विशेष जोर

गोरखपुर। जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में चिकित्सा व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने डेरवा क्षेत्र का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पानी से प्रभावित और संपर्क से कटे गांवों में लोगों को आवश्यक उपचार, दवाएं तथा अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जाएं।

सीएमओ ने डेरवा क्षेत्र के लखनौरा-लखनौरी गांव पहुंचकर वहां संचालित स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली और स्वास्थ्य कर्मियों से स्थानीय परिस्थितियों के बारे में भी बातचीत की।

स्वास्थ्य शिविर में व्यवस्थाओं की ली जानकारी

निरीक्षण के दौरान डॉ. राजेश झा ने डेरवा पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष चौरसिया से शिविर में उपलब्ध उपचार और दवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने क्षेत्र में आने वाले मरीजों की संख्या, आवश्यक चिकित्सा संसाधनों तथा प्रभावित परिवारों तक पहुंच रही सेवाओं के बारे में भी जानकारी ली।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि बाढ़ के कारण जिन बस्तियों तक सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ है, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमों को प्राथमिकता के आधार पर पहुंचना चाहिए। किसी व्यक्ति को बीमारी या आपात स्थिति में उपचार के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया।

गर्भवती महिलाओं की देखभाल को प्राथमिकता

डॉ. राजेश झा ने विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी परिस्थिति में प्रसव के करीब पहुंच चुकी महिलाओं की पहचान और निगरानी पहले से की जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित तरीके से स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने के लिए पहले से योजना तैयार रखी जाए। संभावित प्रसव के मामलों में किसी तरह की देरी न हो, इसके लिए संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

अलग-थलग बस्तियों पर विशेष निगरानी

बाढ़ के चलते जिन गांवों या बस्तियों का संपर्क प्रभावित हुआ है, वहां स्वास्थ्य विभाग की पहुंच बनाए रखना बड़ी चुनौती है। इसे देखते हुए सीएमओ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे स्थानों की नियमित जानकारी जुटाई जाए और आवश्यकता के अनुसार चिकित्सा टीम, दवाएं तथा जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

उन्होंने कहा कि प्रभावित आबादी में सामान्य बीमारियों के साथ-साथ पानी और मौसम से जुड़ी समस्याओं पर भी नजर रखी जानी चाहिए। किसी क्षेत्र से बीमारी के मामलों में वृद्धि की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

सीएचसी बड़हलगंज में अचानक पहुंचे CMO

डेरवा के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सीएचसी बड़हलगंज का भी औचक निरीक्षण किया।

अचानक हुए इस दौरे के दौरान उन्होंने अस्पताल की

कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की।

सबसे पहले उन्होंने उपस्थिति पंजिका देखी। जांच के दौरान सभी चिकित्सक और

कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद मिले। इसके बाद सीएमओ ने

सीएचसी अधीक्षक डॉ. व्यास कुशवाहा के साथ प्रसव कक्ष का निरीक्षण किया।

प्रसव कक्ष की सुविधाओं की भी समीक्षा

प्रसव कक्ष के निरीक्षण के दौरान डॉ. राजेश झा ने वहां उपलब्ध जरूरी

सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि

प्रसव संबंधी सेवाओं में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना

स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी है। इसके लिए आवश्यक संसाधनों की

उपलब्धता और व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जानी चाहिए।

संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए जागरूकता पर जोर

बाढ़ के बाद संक्रमण से जुड़ी बीमारियों की आशंका को देखते हुए सीएमओ ने

जनजागरूकता गतिविधियों को मजबूत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से कहा कि ग्रामीणों को स्वच्छ पानी, साफ-सफाई और

बीमारी से बचाव के जरूरी उपायों के बारे में लगातार जानकारी दी जाए।

प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों को लोगों के बीच जाकर बीमारी के लक्षणों और

बचाव के तरीकों के बारे में जागरूक करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही किसी संभावित

संक्रमण की सूचना मिलने पर समय रहते आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

बाढ़ प्रभावित आबादी के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

डेरवा के प्रभावित गांवों और बड़हलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने

स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी स्थिति परखने के साथ अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उनका जोर

इस बात पर रहा कि प्राकृतिक आपदा के बीच भी ग्रामीणों को

उपचार और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।

खासकर संपर्क बाधित क्षेत्रों, गर्भवती महिलाओं और संभावित संक्रमण वाले मामलों को

प्राथमिकता देने की बात कही गई। विभागीय अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तैयार रहने और

जरूरत के मुताबिक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

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