वीर बाल दिवस पर सीएम योगी का बयान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीर बाल दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की है। योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने देशभर के सिखों की आवाज सुनी और 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया। यह दिवस सिख इतिहास के महान बलिदान को समर्पित है, जब गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों – जोरावर सिंह, फतेह सिंह और बड़े साहिबजादों – ने इस्लाम कबूल करने से इनकार कर जिंदा दीवार में चिनवा दिया गया।
यह बलिदान सिख धर्म की बहादुरी और धर्म रक्षा का प्रतीक है। योगी ने कहा कि यह फैसला सिख समाज की लंबी मांग पूरी करता है और राष्ट्रीय स्तर पर उनके योगदान को सम्मान देता है।
26 दिसंबर 2025 को पूरे देश में वीर बाल दिवस मनाया जा रहा है, जहां स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और सिख संगठनों में कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। पीएम मोदी ने 2022 में यह दिवस घोषित किया था और हर साल इसे राष्ट्रीय उत्सव की तरह मनाया जाता है। योगी ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान युवाओं के लिए प्रेरणा है और धर्म की रक्षा के लिए त्याग की मिसाल है। यह दिवस सिख इतिहास की शहादत को नई पीढ़ी तक पहुंचाता है। उत्तर प्रदेश में सिख समाज बड़ा है और कई गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन और लंगर का आयोजन हो रहा है।
योगी सरकार ने सिख हित में कई कदम उठाए हैं, जैसे गुरुद्वारों का विकास और सिख विरासत संरक्षण। यह बयान सिख समाज में खुशी की लहर ला रहा है। वीर बाल दिवस पर देशभर में श्रद्धांजलि और उत्सव हो रहा है। यह दिवस साहिबजादों की बहादुरी को याद करने का है। इस ब्लॉग में हम वीर बाल दिवस के महत्व, योगी का बयान, साहिबजादों की शहादत और उत्सव की डिटेल्स बताएंगे। साहिबजादों को नमन!
वीर बाल दिवस का महत्व: साहिबजादों की शहादत
26 दिसंबर वीर बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। मुख्य बातें:
- गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादे।
- छोटे साहिबजादे जोरावर और फतेह सिंह।
- मुगल शासक औरंगजेब के समय।
- इस्लाम कबूल करने से इनकार।
- जिंदा दीवार में चिनवाए गए।
- बड़े साहिबजादों की चमकौर युद्ध में शहादत।
- सिख इतिहास का गौरव।
यह दिवस बहादुरी और त्याग का प्रतीक है।

सीएम योगी का बयान: पीएम मोदी की सराहना
योगी आदित्यनाथ ने वीर बाल दिवस पर कहा:
- पीएम मोदी ने सिखों की आवाज सुनी।
- 26 दिसंबर वीर बाल दिवस घोषित।
- सिख समाज की मांग पूरी।
- साहिबजादों का बलिदान प्रेरणा।
- युवाओं के लिए संदेश।
- धर्म रक्षा का त्याग।
- देश एकता।
योगी ने कहा, “साहिबजादों को नमन।”
साहिबजादों की शहादत: इतिहास की मिसाल
सिख इतिहास में साहिबजादों का बलिदान:
- छोटे साहिबजादे 6 और 9 साल।
- सरहिंद में दीवार में चिनवाए।
- बड़े साहिबजादे चमकौर युद्ध।
- गुरु गोबिंद सिंह जी का संकल्प।
- सिख धर्म मजबूत।
- त्याग और बहादुरी।
- विश्व इतिहास में अनोखा।
यह शहादत अमर है।
उत्सव और कार्यक्रम: देशभर में श्रद्धांजलि
वीर बाल दिवस पर:
- गुरुद्वारों में कीर्तन।
- लंगर और पूजा।
- स्कूलों में कार्यक्रम।
- सरकारी आयोजन।
- युवाओं को प्रेरणा।
- सोशल मीडिया ट्रेंड।
- श्रद्धांजलि।
उत्सव भक्ति से भरा है।
राजनीतिक महत्व: सिख समाज का सम्मान
यह दिवस राजनीतिक:
- सिख वोट बैंक।
- भाजपा की पहल।
- विपक्ष समर्थन।
- राष्ट्रीय एकता।
- युवा प्रेरणा।
- सिख विरासत संरक्षण।
- समाजिक सद्भाव।
यह दिवस एकता बढ़ाता है।