उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी! मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन महिला कर्मियों को सम्मान और आर्थिक सुरक्षा देने के लिए एक व्यापक योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत प्रदेश की 1.5 लाख से अधिक आंगनबाड़ी बहनों को खास डिजाइन वाली साड़ी-यूनिफॉर्म प्रदान की जाएगी, साथ ही ₹5 लाख तक का ग्रुप बीमा कवर और आयुष्मान भारत कार्ड का लाभ भी मिलेगा। यह कदम न केवल इन कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाएगा, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बच्चों की पोषण, शिक्षा और देखभाल करने वाली इन मां-बहनों को मजबूत पहचान और सुरक्षा प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समाज की रीढ़ हैं, जो बच्चों का भविष्य संवारती हैं। उन्हें सम्मानजनक यूनिफॉर्म और सुरक्षा देना हमारा कर्तव्य है।”
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साड़ी-यूनिफॉर्म: सम्मान और पहचान की नई शुरुआत
आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यरत बहनें लंबे समय से यूनिफॉर्म की मांग करती आ रही थीं। अब उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विशेष रूप से डिजाइन की गई साड़ी-यूनिफॉर्म दी जाएगी। यह साड़ी पारंपरिक भारतीय संस्कृति को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिसमें आरामदायक फैब्रिक, आकर्षक कलर और टिकाऊ डिजाइन होगा। साड़ी पर आंगनबाड़ी का लोगो और उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतीक भी होगा, जो उनकी पहचान को मजबूत बनाएगा। योजना से पूर्वांचल, बुंदेलखंड, अवध और पश्चिमी यूपी की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं लाभान्वित होंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह यूनिफॉर्म न केवल सम्मान बढ़ाएगी, बल्कि कार्यकर्ताओं में प्रोफेशनलिज्म भी लाएगी। “आंगनबाड़ी साड़ी यूनिफॉर्म उत्तर प्रदेश” सर्च टर्म पर यह खबर जल्दी टॉप रैंक हासिल करेगी।
बीमा कवरेज और आयुष्मान कार्ड: आर्थिक सुरक्षा का नया द्वार
योजना की सबसे बड़ी सौगात है आर्थिक सुरक्षा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब ₹5 लाख तक का ग्रुप इंश्योरेंस कवर मिलेगा, जिसमें दुर्घटना, गंभीर बीमारी और मृत्यु पर क्लेम का प्रावधान है। यह बीमा प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों के साथ टाई-अप करके लागू होगा। इसके अलावा, आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी कार्यकर्ताओं और उनके परिवार को आयुष्मान कार्ड जारी किया जाएगा, जिससे 5 लाख तक का मुफ्त इलाज सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में उपलब्ध होगा। ग्रामीण इलाकों में जहां स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं, यह कार्ड जीवनरक्षक साबित होगा। लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जैसे जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो चुका है, जहां सैकड़ों बहनें पहले से लाभान्वित हो रही हैं। “आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बीमा लाभ” और “आंगनबाड़ी आयुष्मान कार्ड” जैसे कीवर्ड्स से यह योजना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
योजना का कार्यान्वयन: समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से वितरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने योजना को तेजी से लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। पहले चरण में सभी जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों पर रजिस्ट्रेशन और आधार लिंकिंग होगी। उसके बाद 3 महीने के अंदर साड़ी-यूनिफॉर्म का वितरण शुरू हो जाएगा। बीमा पॉलिसी और आयुष्मान कार्ड भी
इसी समयावधि में जारी किए जाएंगे। योजना के लिए बजट में
₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो केंद्र सरकार की योजनाओं से भी जुड़ा होगा।
यह कदम उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार की महिला सशक्तिकरण और
कल्याण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि
यह निर्णय 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को जोड़ने का मास्टरस्ट्रोक साबित होगा।
निष्कर्ष सीएम योगी आदित्यनाथ की यह सौगात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए सम्मान,
सुरक्षा और सशक्तिकरण का नया अध्याय है। साड़ी-यूनिफॉर्म से उनकी पहचान मजबूत होगी,
जबकि बीमा और आयुष्मान कार्ड से आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
उत्तर प्रदेश अब महिला कल्याण में नई मिसाल कायम कर रहा है। जय हिंद, जय उत्तर प्रदेश!
