लखनऊ में भारतेंदु नाट्य
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक और समसामयिक मुद्दों पर बयान देते हुए कहा कि “उस समय का माफिया सालार मसूद था, और आज जो मिट्टी में मिलाया गया, वह भी उसी तरह का काम करता था।” उनके इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।
भारतेंदु नाट्य अकादमी में कार्यक्रम
लखनऊ के गोमती नगर स्थित भारतेंदु नाट्य अकादमी में स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
- अकादमी के 50 वर्ष पूरे होने पर आठ दिवसीय आयोजन
- 22 करोड़ रुपये की लागत से भवन और प्रेक्षागृहों का जीर्णोद्धार
- देशभर से कलाकारों की भागीदारी
सीएम योगी ने नए भवन और दो प्रेक्षागृहों का लोकार्पण किया।
कलाकारों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने
- 15 कलाकारों को सम्मानित किया
- ‘रंगभेद’ पत्रिका का विमोचन किया
- स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह का शुभारंभ किया
साथ ही उन्होंने मंच पर प्रस्तुत किए गए नाटक ‘आनंद मठ’ सहित अन्य प्रस्तुतियों को भी देखा और कलाकारों की सराहना की।
बयान से बढ़ी राजनीतिक हलचल
अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि इतिहास में कुछ ऐसे चरित्र रहे हैं, जिन्होंने समाज और राष्ट्र के खिलाफ काम किया। उन्होंने सालार मसूद का जिक्र करते हुए उसे “उस समय का माफिया” बताया और वर्तमान संदर्भों से भी उसकी तुलना की।
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसे विभिन्न नजरियों से देखा जा रहा है।
कोरोना काल का भी किया जिक्र
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कोरोना महामारी के दौरान सरकार की भूमिका का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सरकार ने मजदूरों और जरूरतमंदों का पूरा ख्याल रखा।
- लोगों को सुरक्षित घर पहुंचाया गया
- निशुल्क राशन उपलब्ध कराया गया
उन्होंने कहा कि एक संवेदनशील सरकार ही जनता के साथ खड़ी होती है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का महत्व
भारतेंदु नाट्य अकादमी का यह आयोजन न केवल कला और संस्कृति को बढ़ावा देता है, बल्कि नई पीढ़ी को रंगमंच से जोड़ने का भी काम करता है।
इस तरह के आयोजन राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निष्कर्ष
सीएम योगी का यह बयान जहां एक ओर ऐतिहासिक संदर्भों को सामने लाता है, वहीं दूसरी ओर वर्तमान राजनीति में नई बहस को जन्म देता है। इसके साथ ही सांस्कृतिक मंच से दिए गए इस संदेश ने कार्यक्रम को और भी चर्चा का विषय बना दिया है।
