दिल्ली पहुंचे सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 5 जनवरी 2026 को दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की। यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चली, जिसमें दोनों नेताओं ने राज्य के विकास कार्यों, मंत्रिमंडल विस्तार और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। सीएम योगी ने पीएम मोदी से शिष्टाचार भेंट की और उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस दौरे पर योगी भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मिलेंगे, जिससे यूपी की सियासत में नई हलचल पैदा हो गई है।
पीएम मोदी से मुलाकात: किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रधानमंत्री आवास पर पीएम मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।” खुद सीएम योगी ने भी एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, मुलाकात में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे:
- उत्तर प्रदेश में आगामी मंत्रिमंडल विस्तार
- 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी और रणनीति
- राज्य के विकास प्रोजेक्ट्स, जैसे जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेस-वे
- माघ मेला और अन्य धार्मिक आयोजनों की तैयारियां
यह मुलाकात मकर संक्रांति के बाद संभावित कैबिनेट विस्तार की पृष्ठभूमि में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें पिछड़े और ओबीसी चेहरों को प्रमुखता देने पर जोर हो सकता है।
भाजपा कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से प्रस्तावित मुलाकात
सीएम योगी का दिल्ली दौरा केवल पीएम मोदी तक सीमित नहीं है। वे भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात करेंगे। नितिन नवीन बिहार से आने वाले युवा नेता हैं, जिन्हें हाल ही में यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह सीएम योगी और नितिन नवीन की पहली मुलाकात होगी, जिसमें संगठनात्मक मजबूती, पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर फोकस रहेगा।
इसके अलावा, योगी गृहमंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय नेताओं से भी चर्चा कर सकते हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी दिल्ली में मौजूद हैं और उन्होंने पहले ही नितिन नवीन से मुलाकात कर ली है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह दिल्ली दौरा?
योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में यह दौरा कई मायनों में खास है। हाल ही में भाजपा ने यूपी प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पंकज चौधरी को नियुक्त किया है। अब केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठकों से संगठन और सरकार में समन्वय मजबूत होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा 2027 चुनावों की दिशा तय करने वाला साबित होगा।
भाजपा यूपी में फिर से प्रचंड बहुमत का लक्ष्य रख रही है,
और इन मुलाकातों से रणनीति को अंतिम रूप मिलेगा।
इसके साथ ही, राज्य में कमीशन, बोर्ड और निगमों में राजनीतिक नियुक्तियों की प्रक्रिया भी जल्द शुरू हो सकती है।
यूपी भाजपा की मजबूत होती टीम
योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश भाजपा लगातार मजबूत हो रही है।
नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ मिलकर पार्टी पूर्वांचल से लेकर
पश्चिमी यूपी तक अपनी पकड़ मजबूत करने की योजना बना रही है।
यह दौरा पार्टी की एकजुटता और चुनावी तैयारियों का संकेत है।
यह दिल्ली दौरा उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए नई शुरुआत का प्रतीक है।
आने वाले दिनों में कैबिनेट विस्तार और संगठनात्मक बदलावों की खबरें सामने आ सकती हैं।
अधिक अपडेट्स के लिए आधिकारिक सोर्स चेक करते रहें।
