गोरखपुर में
चाइनीज मांझे का जानलेवा कहर: गोरखपुर में एक और हादसा
गोरखपुर। प्रतिबंधित चाइनीज मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। बड़हलगंज कस्बे के बाईपास रोड निवासी कारोबारी आलोक दुबे शुक्रवार दोपहर चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मांझे ने उनके चेहरे को बुरी तरह काट दिया, जिससे वे संतुलन खोकर बुलेट से सड़क पर गिर पड़े। यह घटना उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे के खतरे को फिर से उजागर करती है, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त चेतावनी के बावजूद हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे।
घटना का विवरण: दोहरीघाट पुल पर हुआ हादसा
घटना शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे की है। आलोक दुबे दोहरीघाट से सामान लेकर बड़हलगंज स्थित अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वे दोहरीघाट पुल पार कर रहे थे, अचानक उनके चेहरे पर तेज धारदार चीज के चुभने का अहसास हुआ। जब तक वे कुछ समझ पाते, चाइनीज मांझे ने उनके चेहरे को गहराई से काट दिया। सड़क पर गिरते ही मच गया हड़कंप। चेहरे से तेजी से खून बहने लगा। मौके पर मौजूद राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें उठाया और तत्काल दुर्गावती अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंच गए।
डॉक्टरों के अनुसार, आलोक दुबे के गाल पर 8 टांके लगाए गए हैं। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है। यह हादसा चाइनीज मांझे की खतरनाक प्रकृति को दर्शाता है, जो सड़क पर यात्रा कर रहे लोगों के लिए बड़ा खतरा बन गया है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश: सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। अर्पित शाही, डॉ. शिवेंद्र सिंह, डॉ. प्रशांत सिंह, राजेश पाल और आदर्श चौबे सहित कई लोगों ने प्रशासन से चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। चाइनीज मांझे से लगातार हादसे हो रहे हैं। अगर इस पर प्रभावी रोक नहीं लगी तो यह किसी की जान भी ले सकता है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में यह कैसे उपलब्ध है।
योगी सरकार की सख्ती: मौत हुई तो हत्या मानेगी
गौरतलब है कि 5 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ चेतावनी दी थी कि अगर चाइनीज मांझे से किसी की मौत होती है तो इसे हत्या माना जाएगा। जिम्मेदारों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। पूरे प्रदेश में चाइनीज मांझे की जब्ती के लिए
विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स,
सोशल मीडिया ग्रुप्स और सप्लाई चेन पर नजर रखने के
आदेश दिए हैं। मौत के मामलों में हत्या का मुकदमा दर्ज करने का प्रावधान लागू किया जा रहा है।
प्रशासनिक सख्ती पर सवाल: हादसे क्यों जारी?
इसके बावजूद गोरखपुर सहित कई इलाकों में चाइनीज मांझे की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं,
जो प्रशासनिक सख्ती पर सवाल खड़े कर रही हैं। हाल के महीनों में
कई घायल और मौत के मामले सामने आए हैं, जिसमें बच्चे,
महिलाएं और दोपहिया सवार शामिल हैं। चाइनीज मांझा पक्षियों,
जानवरों और इंसानों के लिए घातक साबित हो रहा है।
चाइनीज मांझे का खतरा अब भी बरकरार है। सरकार और प्रशासन को और तेज अभियान चलाने की जरूरत है
ताकि ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें। आलोक दुबे जैसे हादसों से सबक लेते हुए
सुरक्षित मांझे का इस्तेमाल और जागरूकता फैलानी होगी। लेटेस्ट अपडेट्स और सुरक्षा टिप्स के लिए बने रहें