जौनपुर राजमार्ग पर पतंग के चीनी मांजे ने ले ली फिजियोथैरेपिस्ट की जान: दिल दहला देने वाला हादसा
मेटा डिस्क्रिप्शन: जौनपुर-आजमगढ़ राजमार्ग पर पतंग के चीनी मांजे से 25 वर्षीय फिजियोथैरेपिस्ट समीर हाशमी की दर्दनाक मौत। धर्मपुर क्षेत्र में बुधवार दोपहर हुआ हादसा, चीनी मांजा प्रतिबंध की मांग तेज। पूरी खबर, कारण और सुरक्षा सलाह 2026। (जनवरी 2026)
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हादसे की पूरी घटना: दोपहर 1 बजे की वो भयानक पल
15 जनवरी 2026, बुधवार दोपहर करीब 1 बजे जौनपुर जिले के धर्मपुर थाना क्षेत्र में आजमगढ़-जौनपुर राजमार्ग पर पंच हटिया तिराहे के पास एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। 25 वर्षीय युवा फिजियोथैरेपिस्ट समीर हाशमी अपनी बाइक से काम से घर लौट रहे थे। इसी दौरान आसमान में उड़ रही पतंग के चीनी मांजे ने उनके गले पर तेजी से चोट कर दी।
मांजे की धार इतनी तेज थी कि समीर का गला कट गया और वे मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। राहगीरों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही धर्मपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
समीर हाशमी कौन थे?
समीर हाशमी जौनपुर के एक प्रतिष्ठित फिजियोथैरेपी क्लिनिक में कार्यरत थे। वे अपने मरीजों के बीच बेहद लोकप्रिय थे और अपनी मेहनत से परिवार की जिम्मेदारियां उठा रहे थे। परिवार के अनुसार, वे रोजाना इसी राजमार्ग से होकर गुजरते थे और पतंगबाजी के खतरे से हमेशा सतर्क रहते थे। लेकिन इस बार मांजा इतनी ऊंचाई पर था कि उन्हें बचने का मौका ही नहीं मिला।
परिवार में शोक की लहर है। मां-बाप और छोटे भाई-बहन रो-रोकर बेसुध हो रहे हैं। पड़ोसियों का कहना है कि समीर बहुत मिलनसार और मेहनती युवा था।
चीनी मांजा: बार-बार जान लेने वाला खतरा
उत्तर प्रदेश में पिछले कई सालों से चीनी मांजे (ग्लास कोटेड या धातु युक्त मांजा) से होने वाले हादसे आम हो गए हैं। यह मांजा इतना तेज होता है कि गले, हाथ या चेहरे पर लगने पर गहरी चोट पहुंचाता है। कई बार तो सड़क पर चलते लोगों, दोपहिया वाहन चालकों और यहां तक कि कार में बैठे बच्चों की भी जान जा चुकी है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, हर साल देश में चीनी मांजे से
100 से अधिक मौतें दर्ज होती हैं। उत्तर प्रदेश में यह संख्या सबसे ज्यादा है।
सुप्रीम कोर्ट और कई हाईकोर्ट ने चीनी मांजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं,
लेकिन अवैध रूप से इसका इस्तेमाल जारी है।
स्थानीय लोगों और प्रशासन की प्रतिक्रिया
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने चीनी मांजा बेचने और
इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कई संगठनों ने जुलूस निकालकर प्रशासन पर दबाव बनाया।
जौनपुर के एसपी ने कहा कि पूरे जिले में चीनी मांजा बिक्री और
उपयोग पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी।
सुरक्षा के लिए जरूरी सलाह
- पतंगबाजी करते समय केवल सुरक्षित सूती या नायलॉन मांजा इस्तेमाल करें
- राजमार्ग, बिजली के तारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पतंग न उड़ाएं
- दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट के साथ गले को ढकने वाला स्कार्फ या गला गार्ड इस्तेमाल करें
- चीनी मांजा बेचने वालों की सूचना तुरंत पुलिस को दें
निष्कर्ष: एक युवा जिंदगी का दर्दनाक अंत
समीर हाशमी की मौत एक बार फिर साबित करती है
कि चीनी मांजा सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक खतरनाक हथियार है।
प्रशासन, पुलिस और समाज को मिलकर इस खतरनाक प्रथा पर रोक लगानी होगी।
एक युवा फिजियोथैरेपिस्ट की जिंदगी चली गई,
लेकिन उसकी मौत से सीख लेकर अन्य जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।