मुख्यमंत्री योगी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 दिसंबर 2025 को लखनऊ में ‘किसान पाठशाला’ का शुभारंभ किया। यह योजना किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए आधुनिक तकनीक, जैविक खेती और बाजार से जुड़ने की ट्रेनिंग देगी। अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पाठशाला में 1 लाख से ज्यादा किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। योगी ने कहा, “किसान हमारा अन्नदाता है, हम उनकी आय दोगुनी करेंगे।” यह योजना कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का बड़ा कदम है। इस ब्लॉग में हम किसान पाठशाला की पूरी डिटेल्स, उद्देश्य, प्रशिक्षण, लाभ और किसानों की प्रतिक्रिया बताएंगे।
किसान पाठशाला का शुभारंभ: योगी ने दी बधाई
कार्यक्रम लखनऊ के एक बड़े ऑडिटोरियम में हुआ। मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “आज हमने किसानों के लिए नई पाठशाला शुरू की है। कम लागत में अधिक उत्पादन, जैविक खेती और बाजार से जुड़ने की ट्रेनिंग मिलेगी।” उन्होंने कहा कि यह योजना 2025-26 में पूरे यूपी में लागू होगी।
योजना की मुख्य विशेषताएं
- प्रशिक्षण: कम लागत वाली खेती, ड्रिप सिंचाई, जैविक खाद, कीटनाशक का कम इस्तेमाल।
- लाभार्थी: 1 लाख+ किसान (प्रति वर्ष)।
- लोकेशन: लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर, आगरा, मेरठ और बरेली में केंद्र।
- अवधि: 7-15 दिन का प्रशिक्षण।
- लागत: सरकार द्वारा पूरी तरह मुफ्त।
- सर्टिफिकेट: प्रशिक्षण पूरा होने पर सर्टिफिकेट और सब्सिडी।
कम लागत में अधिक उत्पादन: योगी का संदेश
योगी ने कहा, “पहले 1 एकड़ में 20-25 क्विंटल गेहूं होता था, अब 40-50 क्विंटल हो सकता है।” उन्होंने ड्रिप सिंचाई और जैविक खेती पर जोर दिया। योजना से किसानों की आय दोगुनी होने की उम्मीद है।