उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में सफाईकर्मियों के हित में एक ऐतिहासिक घोषणा की है, जिसमें किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना की स्थिति में सफाईकर्मी या उसके परिवार को 35 से 40 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है।
यह घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस के अवसर पर की, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सफाईकर्मियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है योजना की शुरुआत और ऐतिहासिक संदर्भमहर्षि वाल्मीकि प्रकट दिवस के आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर महासभा ट्रस्ट द्वारा आयोजित समारोह में भाग लिया। इस आयोजन में उन्होंने सफाईकर्मियों को कई नई सुविधाओं तथा वित्तीय सुरक्षा का आश्वासन दिया।
इससे पहले राज्य के 80,000 होमगार्ड्स को यह सुरक्षा कवर दिया गया था, जिसे अब संविदा और स्थायी सफाईकर्मियों तक विस्तारित किया गया है वेतन भुगतान प्रणाली में बदलावराज्य सरकार ने ऐलान किया कि अब सफाईकर्मियों को उनका वेतन आउटसोर्सिंग कंपनियों के माध्यम से नहीं, बल्कि सीधे सरकार के कॉरपोरेशन द्वारा बैंक खाते में दिया जाएगा
। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और पारदर्शिता आएगी। नए नियमों के अनुसार, सफाईकर्मियों को अब 16,000 से 20,000 रुपये मासिक वेतन भी मिलेगा स्वास्थ्य बीमा और अन्य सुविधाएंइसके अतिरिक्त, सभी सफाईकर्मियों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा
आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रत्येक सफाईकर्मी और उसके परिवार को सालाना चिकित्सा सुरक्षा भी दी जाएगी, ताकि गंभीर बीमारियों व दुर्घटनाओं की स्थिति में उन्हें आर्थिक समस्या का सामना न करना पड़े दुर्घटना/आकस्मिक मृत्यु पर मुआवजानवीन व्यवस्था के तहत, यदि ड्यूटी पर रहते हुए किसी सफाईकर्मी की मृत्यु या गंभीर दुर्घटना होती है,
तो उनके परिवार को 35 से 40 लाख रुपये मुआवजा देने की व्यवस्था की जाएगी। यह रकम बैंकों के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचेगी। सरकार इसके लिए बैंकों से भी संवाद कर रही है। इससे प्रभावित परिवारों को जीवन पुनः स्थापित करने में सहायता मिलेगी और अन्य कर्मचारी भी अपने अधिकारों के प्रति सजग रहेंगे
प्रेरणादायक संदर्भ और समाजिक संदेशमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि सफाईकर्मी समाज की रीढ़ हैं। समाज की सुरक्षा, स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य इन्हीं के समर्पण पर निर्भर करता है। हर गांव और नगर में इनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।
उन्होंने वाल्मीकि समाज के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि भगवान वाल्मीकि जैसे महापुरुषों की परंपरा को आगे बढ़ाना समाज का कर्तव्य है भविष्य की योजनाएँ और नई घोषणाएँराज्य सरकार के अनुसार, भविष्य में सफाईकर्मियों के बच्चों की शिक्षा, उनके बच्चों को छात्रवृत्ति, आवास, तथा प्रशिक्षण जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने अपील की कि वाल्मीकि समाज के हर घर में भगवान वाल्मीकि की प्रेरणा लेकर बच्चों को पढ़ाया जाए ताकि वे समाज में नेतृत्व प्रदान कर सकें।
सरकार आने वाले समय में सफाईकर्मियों के लिए और भी कल्याणकारी योजनाएँ शुरू करने की तैयारी कर रही है शोषण की रोकथाम और सुरक्षायोजना की खास बात यह है कि इससे बिचौलियों द्वारा होने वाले वेतन शोषण और घोटाले पर नियंत्रण लगेगा, क्योंकि वेतन सीधे कर्मचारी के खाते में आएगा।
सभी सफाईकर्मियों को एक समान और पारदर्शी भुगतान मिलेगा। स्वास्थ्य बीमा की सुविधा से गंभीर बीमारियों के समय पर्याप्त आर्थिक सहायता संभव होगी आलोचना और विपक्ष की प्रतिक्रियाकई विपक्षी दलों ने इस योजना का स्वागत करते हुए पारदर्शिता व वित्तीय सुरक्षा को सकारात्मक कदम बताया है,
जबकि कुछ ने सावधान किया है कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक समय पर पहुंच जरूरी है। सरकारी प्रबंधन और निगरानी के अभाव में कई बार योजनाएँ कागज़ों में ही रह जाती हैं इसलिए सरकार को अमल पर भी ध्यान देना सामाजिक समावेश और सम्मानमुख्यमंत्री ने यह भी अपील की कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता। सफाईकर्मी समाज के समर्पित स्तंभ हैं, जिनका योगदान अद्वितीय है
। समाज के हर व्यक्तित्व को उन्हें सम्मान और प्रोत्साहन देना चाहिए। सीएम ने यह संदेश भी दिया कि वाल्मीकि समाज के लोगों को समाज की मुख्यधारा में अधिक से अधिक जोड़ा जाएगा और उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर दिए जाएंगे यह सम्पूर्ण जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में घोषित सफाईकर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और वित्तीय सशक्तिकरण की योजनाओं पर केंद्रित है। इन सभी घोषणाओं और योजनाओं से समाज में सफाईकर्मियों की स्थिति में व्यापक, सकारात्मक परिवर्तन की उम्मीद जताई जा रही है