मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 9 नवंबर को कुशीनगर पहुँचे और सबसे पहले म्यांमार बौद्ध विहार में कुशीनगर बौद्ध भिक्षु संघ के अध्यक्ष भदंत ज्ञानेश्वर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
भदंत ज्ञानेश्वर का हाल ही में निधन हुआ था, और उनका पार्थिव शरीर म्यांमार बुद्ध विहार में रखा गया था, जहां श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी था।
मुख्यमंत्री ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाए और उनकी शांति के लिए प्रार्थना की।इसके बाद मुख्यमंत्री ने कुशीनगर स्थित निर्माणाधीन महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया।
यह विश्वविद्यालय 154 एकड़ भूमि में 750 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्माण की प्रगति पर संतोष जाहिर किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जुलाई 2026 से यहां पठन-पाठन कार्य शुरू करने के लिए युद्धस्तरीय प्रयास करें। उन्होंने निर्माण में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने एवं समयसीमा से पहले कार्य पूरा करने के भी निर्देश दिए।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा कुशीनगर के लिए महत्वपूर्ण माना गया क्योंकि महात्मा बुद्ध के नाम पर बना यह विश्वविद्यालय पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों और युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगा।
इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं का पूरा ध्यान रखा गया।मुख्यमंत्री ने भदंत ज्ञानेश्वर को श्रद्धांजलि देने के बाद विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से संवाद किया।यह दौरा 9 और 11 नवंबर 2025 को हुआ, जिसमें 11 नवंबर को भदंत ज्ञानेश्वर का अंतिम संस्कार भी होगा।
इस प्रकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कुशीनगर के महात्मा बुद्ध स्थल पर श्रद्धांजलि, कृषि विश्वविद्यालय के कार्यों का निरीक्षण, और स्थानीय विकास के लिए दिशा-निर्देश दिए।