बेरोजगारों की ठगी
बेरोजगारों की नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी ठगी का खुलासा
उत्तर प्रदेश में बेरोजगार युवकों के साथ धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। नौकरी दिलाने के नाम पर दुबई भेजकर ठगों ने लाखों रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने मुख्य आरोपी फुरकान, उसकी पत्नी इमराना खातून, पिता फारूक अली और अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि इन ठगों ने 49 लोगों से करीब 24.30 लाख रुपये अलग-अलग तिथियों पर बैंक खातों में ट्रांसफर कराए। इसके बाद 12 युवकों का वीजा कराकर उन्हें दुबई भेज दिया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर पता चला कि न तो कोई कंपनी है और न ही कोई नौकरी। सभी युवक बेरोजगार हालत में फंस गए और परिवारों ने पुलिस से शिकायत की। कुल ठगी की राशि 30.45 लाख रुपये बताई जा रही है।
ठगी का पूरा तरीका: कैसे फंसाया गया बेरोजगार युवकों को
पुलिस जांच में सामने आया कि फुरकान और उसके परिवार ने सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप्स और लोकल संपर्कों के जरिए बेरोजगार युवकों को संपर्क किया। उन्होंने दावा किया कि दुबई में अच्छी सैलरी वाली नौकरियां उपलब्ध हैं, जैसे कंस्ट्रक्शन, होटल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में। युवकों से वीजा प्रोसेसिंग, एयर टिकट और एजेंसी फीस के नाम पर 50 हजार से 2 लाख रुपये तक मांगे गए। 49 लोगों ने अलग-अलग तिथियों पर फुरकान, इमराना खातून और फारूक अली के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए। 12 युवकों का वीजा बनवाकर उन्हें दुबई भेज दिया गया। दुबई पहुंचने पर युवकों को पता चला कि कोई कंपनी नहीं है और नौकरी का कोई पता नहीं। वे वहां फंस गए और परिवारों ने भारत में पुलिस से शिकायत की।
गिरफ्तारी और पुलिस जांच: कैसे पकड़े गए ठग
यूपी पुलिस ने शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की। एसआईटी और साइबर सेल ने बैंक ट्रांजेक्शन ट्रेस किए और खातों से पैसे निकालने वाले मोबाइल नंबरों का पता लगाया। फुरकान और इमराना खातून को उनके घर से गिरफ्तार किया गया। फारूक अली और अन्य साथी भी पुलिस के हिरासत में हैं। पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट, व्हाट्सएप चैट, वीजा डॉक्यूमेंट्स और युवकों के बयान दर्ज किए हैं। जांच में पता चला कि ठगों ने फर्जी कंपनी के नाम से लेटरहेड और वीजा डॉक्यूमेंट्स बनाए थे। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में उन्होंने ठगी की बात कबूल की है। पुलिस ने कहा कि बाकी पैसे की रिकवरी के लिए बैंक फ्रीज और प्रॉपर्टी अटैचमेंट की कार्रवाई की जा रही है।
ठगी का पैटर्न: दुबई नौकरी के नाम पर आम हो रही धोखाधड़ी
यह मामला यूपी में दुबई नौकरी के नाम पर हो रही ठगी का एक और उदाहरण है। पिछले कुछ महीनों में कई ऐसे केस सामने आए हैं जहां बेरोजगार युवकों से लाखों रुपये लेकर उन्हें विदेश भेजा जाता है, लेकिन वहां कोई नौकरी नहीं मिलती। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर फर्जी जॉब ऑफर और वीजा एजेंट्स के जरिए यह ठगी बढ़ रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी के लिए किसी भी एजेंट को पैसे देने से पहले वैरिफिकेशन जरूर करें।
ऑफिशियल वेबसाइट्स, एम्बेसी और मान्यता प्राप्त एजेंट्स से ही संपर्क करें।
बेरोजगार युवाओं के लिए सावधानियां और सलाह
- किसी भी जॉब एजेंट को पैसे देने से पहले कंपनी का रजिस्ट्रेशन और ऑफर लेटर चेक करें।
- दुबई जैसे देशों में नौकरी के लिए UAE एम्बेसी या ऑफिशियल पोर्टल से जानकारी लें।
- फर्जी वीजा और जॉब ऑफर से बचने के लिए साइबर क्राइम सेल से संपर्क करें।
- अगर ठगी हो जाए तो तुरंत पुलिस में FIR दर्ज कराएं।
यह घटना बेरोजगार युवाओं के सपनों से खिलवाड़ करने वाली ठगी का गंभीर उदाहरण है।
पुलिस की कार्रवाई से उम्मीद है कि बाकी आरोपी भी जल्द पकड़े जाएंगे और पैसे की रिकवरी होगी।