गोरखपुर शहर की प्रसिद्ध चटोरी गली कचरा मुक्त होने की खबर ने पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा पैदा कर दी है। यह गली, जो पहले कचरे के ढेरों से पटे रहती थी, अब चमक-दमक वाली साफ-सुथरी नजर आ रही है। नगर निगम गोरखपुर की विशेष सफाई ड्राइव में 120 किलो सिंगल-यूज प्लास्टिक जब्त किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत चलाए गए इस अभियान ने न केवल गली को कचरा मुक्त बनाया, बल्कि स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई।
चटोरी गली की सफाई: कैसे बनी कचरा मुक्त?
गोरखपुर चटोरी गली हुर्रपुर क्षेत्र में स्थित है, जहां चाट-पकौड़े की दुकानों की भरमार है। रोजाना हजारों लोग यहां चटोरी का लुत्फ उठाने आते हैं, जिससे प्लास्टिक बैग्स, पॉलीथीन और अन्य कचरा इकट्ठा हो जाता था। नगर निगम ने 2 मार्च 2026 को विशेष स्वच्छता अभियान शुरू किया, जिसमें 50 सफाईकर्मी, 5 जेसीबी मशीनें और 10 ट्रक लगाए गए। तीन दिनों की मेहनत से 200 टन से अधिक कचरा हटाया गया। गली की लंबाई 1.5 किलोमीटर है, जो अब पूरी तरह कचरा मुक्त हो चुकी। स्थानीय पार्षद रामेश्वर यादव ने बताया, “यह अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वच्छता संकल्प से प्रेरित है। अब गली में डस्टबिन लगाए जाएंगे और सीसीटीवी से निगरानी होगी।”
सिंगल-यूज प्लास्टिक पर सख्ती, 120 किलो जब्त
सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त गोरखपुर की यह कार्रवाई केंद्र सरकार के प्लास्टिक प्रतिबंध के अनुरूप है। सफाई टीम ने दुकानों और ठेलों पर छापेमारी की, जहां 120 किलो सिंगल-यूज प्लास्टिक जब्त किया गया। इसमें प्लास्टिक के थैलें, डिस्पोजेबल कप और प्लेटें शामिल हैं। दोषी दुकानदारों पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया गया। नगर आयुक्त दिलीप कुमार ने कहा, “हमारा लक्ष्य 2026 तक गोरखपुर को प्लास्टिक मुक्त बनाना है। यह जब्ती केवल शुरुआत है।” इस अभियान से न केवल पर्यावरण को नुकसान कम होगा, बल्कि जलभराव और बीमारियां भी रुकेंगी।
स्वच्छ भारत मिशन में गोरखपुर का योगदान
गोरखपुर स्वच्छता अभियान स्वच्छ भारत मिशन 2.0 का हिस्सा है, जिसके तहत शहर के 50 ऐसे हॉटस्पॉट्स को लक्षित किया गया है। चटोरी गली पहला ऐसा इलाका है जो पूरी तरह चटोरी गली क्लीन अप ड्राइव में सफल हुआ। स्थानीय एनजीओ और रोटरी क्लब ने भी सहयोग किया। नगर निगम गोरखपुर कचरा प्रबंधन अब बायो-कंपोस्टिंग प्लांट स्थापित करने की योजना बना रहा है। इससे कचरा रिसाइक्लिंग बढ़ेगी और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
स्थानीय लोगों की भूमिका और भविष्य की योजनाएं
स्थानीय निवासी रमेश चौरसिया ने कहा, “पहले गली में बदबू आती थी, अब घूमना सुखद है।” भविष्य में हर शनिवार चटोरी गली कचरा मुक्त रखने के लिए सामूहिक सफाई होगी। गोरखपुर जिला प्रशासन ने अन्य गलियों जैसे गोलघर और बैंक रोड को भी निशाना बनाया है। यह सफलता उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों के लिए प्रेरणा है। पर्यावरण प्रेमी इसे गोरखपुर कचरा प्रबंधन की मॉडल मान रहे हैं।