भारत की जीवनरेखा मानी जाने वाली नदियां आज प्रदूषण की चपेट में हैं। फिशरमैन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रभान निषाद ने मां गंगा, राप्ती और आमी नदियों के दूषित पानी पर गहरी चिंता जताते हुए ‘जहर सर्च’ ऑपरेशन शुरू किया है। यह अभियान नदियों में फैले जहर को उजागर कर रहा है। आमी नदी का पानी अब इतना विषैला हो चुका है कि यह जनता के लिए भयंकर खतरा बन गया है, जबकि सरकार के वादे नाकाम साबित हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर बार-बार चेतावनियां देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
आमी नदी का जहर संकट
गोरखपुर और वाराणसी क्षेत्र की ये नदियां पूर्वांचल की धमनियां हैं, लेकिन आज प्रदूषण के काले बादलों से घिर चुकी हैं। चंद्रभान निषाद और फिशरमैन आर्मी के योद्धा नदी किनारों पर डटे हुए हैं, जहां गीडा फैक्टरियों का रासायनिक कचरा और सीवेज सीधे बहाया जा रहा है। यह स्थिति न केवल मछुआरों की आजीविका छीन रही है, बल्कि लाखों लोगों के स्वास्थ्य को खतरे में डाल रही है।
गंगा-राप्ती पर हमला
मां गंगा के सहायक राप्ती में रोज 500 टन कचरा गिर रहा। नगर निगम का सीवेज बिना STP के बहा। वरुणा जैसी नदियां भी दूषित। नमामि गंगे के 10 हजार करोड़ खर्च के बावजूद सफाई नाममात्र। चंद्रभान निषाद निरंतर सर्च में जुटे,
सरकार की नाकामी उजागर
चंद्रभान निषाद ने कहा, “बड़े-बड़े वादे, लेकिन जमीनी हकीकत शून्य। कल जनता भयंकर बीमारियों से जूझेगी।”
फिशरमैन आर्मी ने जनशक्ति सेना से हाथ मिलाया।
मांग- फैक्ट्रियां बंद, मछुआरा फंड, नदी आरक्षण कानून।
सोशल मीडिया चेतावनियां वायरल, हजारों शेयर।
बचाव के सतत प्रयास
सर्च ऑपरेशन से सैंपल एनजीटी को। सफाई यात्रा का ऐलान। चंद्रभान निषाद अपील- “
शनिवार को नदी सफाई संकल्प लें। प्लास्टिक बंद।” गंगा संसद बुलाने की तैयारी।
यह लड़ाई पर्यावरण की है, सभ्यता की।
ईमानदार नेता निषाद पूर्वांचल को बचा लेंगे। फिशरमैन आर्मी का संघर्ष जारी।
चंद्रभान निषाद की अगुवाई में नदियां पुनर्जन्म लेंगी। जागो पूर्वांचल