गोरखपुर, 22 फरवरी 2026: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के सरदारनगर क्षेत्र में चौरी चौरा पुलिस ने एक सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया है। चैन मोना गैंग के सरगना पिंटू उर्फ पिंटू निषाद समेत उसके 16 कुख्यात गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया गया। यह गैंग मेला, बाजार और भीड़भाड़ वाली जगहों पर नकली सांप और छिपकली का सहारा लेकर महिलाओं के गले से सोने-चांदी की चेनें उड़ा देता था। पुलिस ने गैंग के पास से नकली सांप, छिपकली, चोरी की 15 चेनें, मोबाइल फोन और हथियार बरामद किए हैं। इस गिरोह ने पिछले एक साल में सरदारनगर, चौरी चौरा और आसपास के इलाकों में दर्जनों महिलाओं को शिकार बनाया था, जिससे इलाके में दहशत का माहौल था।
गोरखपुर सरदारनगर में चैन मोना गैंग का आतंक
सरदारनगर थाना क्षेत्र गोरखपुर जिले का एक व्यस्त इलाका है, जहां मछली बाजार, सरदारनगर बाजार और स्थानीय मेलों में रोज हजारों लोग उमड़ते हैं। चैन मोना गैंग इसी भीड़ का फायदा उठाता था। गैंग के सदस्य महिलाओं के आसपास घूमते, फिर अचानक नकली सांप या छिपकली को उनके पैरों के पास फेंक देते। डर के मारे महिलाएं चिल्लातीं और गले से चेन उतार फेंक देतीं, जिसे गुर्गे चट से उठा लेते। सरगना पिंटू निषाद, जो गोरखपुर के आसपास के गांवों का निवासी है, इस गैंग का मास्टरमाइंड था। उसके इशारे पर गुर्गे मेलों जैसे चौरी चौरा मेला, सरदारनगर सरस्वती पूजा मेला और बाजारों में सक्रिय रहते। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गैंग ने पिछले छह महीनों में ही 20 से ज्यादा चेनें उड़ाईं, जिनकी कीमत लाखों में बताई जा रही है। महिलाएं बाजार जाते डरने लगी थीं, खासकर सरदारनगर के मछली पालक समुदाय की महिलाएं, जो रोज बाजार जाती हैं।
नकली सांप-छिपकली से कैसे करते थे चोरी?
यह गैंग बेहद चालाकी से अपराध करता था। नकली सांप रबर या प्लास्टिक से बने होते, जो असली जैसे दिखते और हिलते-डुलते भी। छिपकलियां भी खिलौने जैसी लेकिन डरावनी। गुर्गे भीड़ में घुसते, एक महिला को निशाना बनाते। एक सदस्य सांप या छिपकली फेंकता, दूसरा चेन उड़ा लेता, तीसरा भगदड़ मचाने में मदद करता। पूरा घटनाक्रम 10-15 सेकंड में हो जाता। पकड़े गए गुर्गों ने पूछताछ में कबूल किया कि वे दिल्ली और मुंबई के थोक बाजारों से ये नकली जानवर सस्ते में खरीदते थे। सरगना पिंटू खुद ट्रेनिंग देता, जिसमें महिलाओं के व्यवहार का अध्ययन शामिल था। गैंग में ज्यादातर युवक थे, उम्र 20 से 35 साल के बीच, जो बेरोजगार होने का बहाना बनाकर अपराध की दुनिया में उतरे। पुलिस के अनुसार, गैंग ने चोरी की चेनें गोरखपुर के ही कबाड़ी बाजारों में बेच दी थीं।
पुलिस की कार्रवाई: सरगना पिंटू समेत 16 गिरफ्तार
चौरी चौरा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चैन मोना गैंग सरदारनगर के एक मेला स्थल पर सक्रिय होने वाला है। एसपी सिटी गोरखपुर के निर्देश पर सरदारनगर थानाध्यक्ष ने विशेष टीम गठित की। 21 फरवरी रात को सरदारनगर के जंगल इलाके में दबिश दी गई, जहां गैंग सरगना पिंटू और उसके 16 साथी मिले। पकड़े गए गुर्गों के नाम हैं- पिंटू निषाद (सरगना), राजू निषाद, छोटू, बबलू, मंटू, गुड्डू, लल्ला, भोला, रवि, अजय, संतोष, प्रमोद, विजय, राकेश, सुनील और अनिल। सभी स्थानीय निवासी हैं। पुलिस ने उनके पास से 15 चेनें (कुल 8 लाख कीमत), 5 नकली सांप, 7 छिपकलियां, 10 मोबाइल, 3 देशी तमंचे और 20 कारतूस बरामद किए। गिरफ्तारी के बाद सभी को जेल भेज दिया गया। एसएसपी डॉ. विनीत जायसवाल ने बताया कि यह कार्रवाई महिलाओं की सुरक्षा के लिए मील का पत्थर है।
गैंग के पूर्व इतिहास और मॉडस ऑपरेंडी
चैन मोना गैंग का इतिहास पुराना है। यह गैंग 2010 से सक्रिय था, लेकिन 2025 में सरदारनगर में फिर से सक्रिय हो गया। पूर्व में गोरखपुर, देओरिया और महराजगंज में भी इसकी वारदातें दर्ज हैं। मॉडस ऑपरेंडी हमेशा एक ही- नकली जीवों से डराना। गैंग के सदस्य मछली पालक समुदाय से जुड़े होने के कारण स्थानीय बाजारों में आसानी से घुल-मिल जाते। पुलिस जांच में पता चला कि पिंटू ने 2024 में जेल से छूटने के बाद गैंग को दोबारा संगठित किया। चोरी का माल वे लखनऊ और कानपुर के बिचौलियों को बेचते। अब पुलिस अन्य जिलों में भी इस गैंग के नेटवर्क की तलाश कर रही है।
जनता में उत्साह, अपराध पर लगाम लगेगी
गिरफ्तारी की खबर से सरदारनगर और चौरी चौरा में खुशी की लहर दौड़ गई। स्थानीय महिलाओं ने पुलिस का आभार माना। फिशरमैन वर्ल्ड न्यूज के माध्यम से स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रभान निषाद ने कहा कि ऐसी कार्रवाइयों से अपराधियों में डर बनेगा। गोरखपुर पुलिस ने महिलाओं से अपील की कि भीड़ में सावधानी बरतें, चेन कम पहनें और संदिग्ध देखें तो 112 पर कॉल करें। यह घटना उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा अभियान का हिस्सा है, जहां 2026 में अब तक 500 से ज्यादा चोर गिरोह पकड़े जा चुके हैं। भविष्य में ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी बढ़ाई जाएगी।