गोरखपुर में सीबीआई की छापेमारी चर्चा में है। रेलवे भर्ती बोर्ड कार्यालय के पूर्व अध्यक्ष के घर पर हुई इस कार्रवाई से कई सवाल उठ रहे हैं।
मामले में फर्जीवाड़ा की शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने जांच शुरू की है। बताया जा रहा है कि पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों में अनियमितताएं बरती गईं। आरोप है कि नियुक्तियों के लिए योग्यता और मापदंडों को दरकिनार कर दिया गया और कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाया गया।
सीबीआई की टीम ने गुरुवार को लखनऊ से गोरखपुर पहुंचकर छापेमारी की। इस दौरान पादरी बाजार स्थित घर पर कई दस्तावेजों की जांच की गई। टीम ने पूर्व अध्यक्ष के घर से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं जिनकी जांच की जा रही है।
वेस्टर्न रेलवे के पूर्व इलेक्ट्रिक इंजीनियर के घर पर हुई छापेमारी के दौरान सीबीआई की टीम ने कई घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष से नियुक्तियों के संबंध में कई सवाल पूछे गए और उनके जवाबों को रिकॉर्ड किया गया।
अब देखना होगा कि इस मामले में सीबीआई की जांच क्या कुछ सामने लाती है। वैसे, रेलवे भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़े के आरोप पहले भी लगते रहे हैं और कई बार इन मामलों में बड़े घोटाले भी सामने आए हैं।
इस छापेमारी के बाद एक बार फिर से रेलवे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का मानना है कि अगर नियुक्तियों में धांधली हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
सीबीआई की इस कार्रवाई से पूर्व अध्यक्ष और उनके परिवार में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ कई और शिकायतें भी सीबीआई के पास पहुंची हैं जिनकी जांच की जा रही है।
इस मामले में आगे क्या कुछ होता है, यह तो आने वाले समय में ही पता चलेगा, लेकिन इतना तय है कि सीबीआई की इस कार्रवाई ने एक बार फिर से रेलवे भर्ती प्रक्रिया में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
फिलहाल, सीबीआई की टीम इस मामले में आगे की जांच में जुटी हुई है और जल्द ही इस मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है। गोरखपुर समेत पूरे प्रदेश में इस छापेमारी की चर्चा हो रही है और लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
इस मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। रेलवे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना बहुत जरूरी है ताकि योग्य उम्मीदवारों को नौकरी मिल सके।