गोरखपुर कैंट थाना में
ठगी का मामला: 12 लाख रुपये का घोटाला सामने आया
गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र में 12 लाख रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। पीड़ित राममिलन मौर्य, जो गीडा थाना क्षेत्र के पेवनपुर छपिया के निवासी हैं, ने टाइम सिटी मल्टीस्टेट कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि सोसाइटी ने प्लॉट आवंटन के नाम पर उनसे 12 लाख रुपये लिए, लेकिन न तो प्लॉट दिया गया और न ही पैसे वापस किए गए। इस मामले में पीड़ित ने सोसाइटी के चेयरमैन, जो बस्ती जिले के कप्तानगंज के पूर्व विधायक हैं, समेत कुल 14 आरोपियों के खिलाफ कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
पुलिस एक्शन: दो आरोपियों की गिरफ्तारी
बृहस्पतिवार रात को कैंट पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोसाइटी के निदेशक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी सोसाइटी के प्रमुख पदाधिकारी हैं और ठगी में सीधे शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच में पता चला है कि सोसाइटी ने कई लोगों से इसी तरह प्लॉट के नाम पर पैसे लिए थे, लेकिन डिलीवरी नहीं की। राममिलन मौर्य की शिकायत के बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की छानबीन शुरू कर दी है।
पूर्व विधायक का नाम: FIR में शामिल
प्राथमिकी में सोसाइटी के चेयरमैन के रूप में बस्ती के कप्तानगंज क्षेत्र के पूर्व विधायक का नाम शामिल है। पीड़ित का आरोप है कि पूर्व विधायक ने सोसाइटी का चेहरा बनकर लोगों से निवेश करवाया। हालांकि अभी तक पूर्व विधायक की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस जांच में उनका नाम प्रमुखता से शामिल है। FIR में कुल 14 लोग आरोपी बनाए गए हैं, जिनमें सोसाइटी के अन्य निदेशक, प्रमोटर और एजेंट शामिल हैं। यह मामला राजनीतिक और आर्थिक फ्रॉड का मिश्रण लग रहा है, जिससे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
पीड़ित की आपबीती: कैसे फंसे 12 लाख में
राममिलन मौर्य ने बताया कि सोसाइटी ने उन्हें आकर्षक प्लॉट स्कीम दिखाकर पैसे जमा करने को कहा। उन्होंने किश्तों में 12 लाख रुपये जमा कर दिए, लेकिन जब प्लॉट की डिलीवरी के लिए संपर्क किया तो कोई जवाब नहीं मिला। कई बार फॉलो-अप करने पर भी पैसे वापस नहीं किए गए। आखिरकार उन्होंने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने कहा कि सोसाइटी ने कई अन्य लोगों से भी इसी तरह पैसे लिए हैं और अब जांच में सारे राज खुलने चाहिए।
पुलिस जांच की स्थिति
कैंट पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। सोसाइटी के दफ्तर और बैंक खातों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि अन्य पीड़ित सामने आते हैं तो मामले को और मजबूत किया जाएगा। यह ठगी का मामला मल्टीस्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी के तहत होने के कारण राज्य स्तरीय जांच की भी संभावना है।
समाज में बढ़ती चिंता: हाउसिंग सोसाइटी फ्रॉड पर सवाल
यह घटना गोरखपुर और आसपास के इलाकों में हाउसिंग सोसाइटी के
नाम पर हो रही ठगी के मामलों को उजागर करती है।
कई लोग प्लॉट स्कीम में फंस चुके हैं। पुलिस और प्रशासन से अपील है कि
ऐसी सोसाइटियों की जांच सख्ती से की जाए। पूर्व विधायक पर
आरोप लगने से राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है।
न्याय की उम्मीद
12 लाख की ठगी का यह मामला आम आदमी के विश्वास को ठेस पहुंचाता है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है,
लेकिन पूरे मामले की जांच और दोषियों को सजा मिलना जरूरी है।
पीड़ित राममिलन मौर्य जैसे कई लोग न्याय की प्रतीक्षा में हैं।
गोरखपुर पुलिस इस मामले को जल्द सुलझाने का दावा कर रही है