गोरखपुर में पुलिस वर्दी में रंगदारी
गोरखपुर में एक बार फिर पुलिस की वर्दी का दुरुपयोग करने का गंभीर मामला सामने आया है। शहर के एक निजी अस्पताल के चिकित्सक से कथित तौर पर पुलिस की वर्दी पहनकर रंगदारी मांगी गई और अस्पताल को बंद कराने की धमकी दी गई। यह घटना 15 जनवरी 2026 की शाम को हुई, जिसके बाद डॉक्टर ने थाने में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई है। मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया है और पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
घटना का पूरा विवरण
शिकायतकर्ता डॉक्टर (नाम गोपनीय रखा गया है) ने बताया कि शाम करीब 7 बजे दो व्यक्ति पुलिस की वर्दी में उनके अस्पताल पहुंचे। दोनों ने खुद को गोरखपुर कोतवाली क्षेत्र के पुलिसकर्मी बताया और डॉक्टर से 5 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। जब डॉक्टर ने मना किया तो आरोपियों ने कहा कि “अस्पताल की लाइसेंस रद्द करवाएंगे, क्लिनिक बंद करवा देंगे और झूठे मुकदमे में फंसवा देंगे।”
डॉक्टर ने बताया कि आरोपियों ने वर्दी पहन रखी थी, लेकिन उनके पास कोई आधिकारिक आईडी या नंबर नहीं दिखाया। दोनों ने डॉक्टर को 24 घंटे का समय दिया और चले गए। डर के मारे डॉक्टर ने तुरंत गोरखपुर कोतवाली थाने पहुंचकर तहरीर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की जांच और प्रारंभिक अपडेट
गोरखपुर के एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वर्दी असली पुलिस की थी, लेकिन आरोपी वास्तविक पुलिसकर्मी नहीं थे। संभावना जताई जा रही है कि यह फर्जी वर्दीधारी या किसी पूर्व पुलिसकर्मी द्वारा किया गया अपराध हो सकता है।
पुलिस ने अस्पताल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। साथ ही गोरखपुर पुलिस लाइन और कोतवाली क्षेत्र के सभी थानों में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की जांच की जा रही है। एसएसपी ने कहा कि अगर इसमें कोई वास्तविक पुलिसकर्मी शामिल पाया गया तो विभागीय और आपराधिक दोनों स्तर पर कड़ी कार्रवाई होगी।
डॉक्टरों और समाज की प्रतिक्रिया
यह घटना गोरखपुर के चिकित्सक वर्ग में भय और आक्रोश पैदा कर रही है।
आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) गोरखपुर ने बयान जारी कर कहा कि
पुलिस वर्दी का दुरुपयोग चिकित्सकों के खिलाफ बढ़ता जा रहा है और
ऐसे मामलों पर त्वरित कार्रवाई जरूरी है।
कई डॉक्टरों ने सोशल मीडिया पर अपनी सुरक्षा की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की वर्दी पहनकर अपराध करना अब आम हो गया है,
जिससे आम जनता का पुलिस पर भरोसा कम हो रहा है।
कानूनी पहलू और आगे की कार्रवाई
इस मामले में पुलिस ने IPC की धारा 384 (रंगदारी), 506 (धमकी), 419 (नकली पहचान) और
170 (पुलिस अधिकारी बनकर धोखा) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस वर्दी का दुरुपयोग कितना खतरनाक हो सकता है।
गोरखपुर पुलिस पर अब बड़ी जिम्मेदारी है कि
वह इस मामले को जल्द सुलझाए और दोषियों को सख्त सजा दिलाए।