मेरठ में सरधना रोड पर कार नाले में गिरी
हादसे का पूरा विवरण: सामने से आने वाले वाहन से बचते हुए नाले में गिरी कार
मेरठ के देहली गेट थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ है। सरधना रोड पर फिरोज नामक व्यक्ति अपनी कार में परिवार के पांच सदस्यों के साथ यात्रा कर रहे थे। वे सरधना में एक डॉक्टर के पास इलाज करवाकर वापस लौट रहे थे। रास्ते में सामने से तेज रफ्तार में आ रहे एक वाहन से टकराने से बचने के चक्कर में ड्राइवर ने अचानक स्टीयरिंग घुमाया, जिससे कार अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे के गहरे नाले में जा गिरी।
कार पूरी तरह नाले में डूब गई और पानी में भर गई। कार के अंदर फंसे परिवार के सदस्यों ने “बचाओ-बचाओ” की जोर-जोर से चीख-पुकार मचानी शुरू कर दी। आसपास से गुजर रहे राहगीरों ने तुरंत हादसे को देखा और मदद के लिए दौड़े। नाले का पानी तेज बहाव वाला था और कार का दरवाजा खुलना मुश्किल हो रहा था। राहगीरों ने किसी तरह एक साइड की खिड़की को तोड़ा और परिवार के सदस्यों को एक-एक करके बाहर निकाला।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे पहले 10 साल की छोटी बच्ची को बाहर निकाला गया, जो गंभीर रूप से घायल थी। उसके सिर और हाथ-पैरों पर चोटें आई हैं। बाकी परिवार के सदस्यों में मामूली चोटें आईं, लेकिन बच्ची की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया है।
परिवार की स्थिति और हादसे का कारण
फिरोज और उनका परिवार मेरठ शहर के निवासी हैं। वे सरधना में एक विशेषज्ञ डॉक्टर से इलाज करवाने गए थे और शाम को वापस लौट रहे थे। पुलिस के अनुसार, हादसा सामने से आने वाले तेज रफ्तार वाहन से बचने के प्रयास में हुआ। प्रारंभिक जांच में ड्राइवर की ओर से कोई लापरवाही नहीं दिख रही है, लेकिन सड़क की स्थिति और नाले की गहराई ने हादसे को और गंभीर बना दिया।
परिवार के सदस्यों ने राहगीरों की बहादुरी की तारीफ की और कहा कि अगर समय पर मदद नहीं मिलती तो बड़ा हादसा हो सकता था। बच्ची की मां ने बताया कि बच्ची को सिर में गहरी चोट लगी है और उसे आईसीयू में रखा गया है। बाकी सदस्यों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी मिल गई है।
राहगीरों की तत्परता और सामुदायिक मदद
इस हादसे में स्थानीय राहगीरों और ग्रामीणों की त्वरित प्रतिक्रिया ने परिवार की जान बचाई। कई लोगों ने पानी में उतरकर कार के पास पहुंचे और खिड़की से लोगों को बाहर निकाला। कुछ ने 108 एंबुलेंस को तुरंत कॉल किया, जबकि अन्य ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस और फायर ब्रिगेड टीम भी मौके पर पहुंची और कार को नाले से बाहर निकाला।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सरधना रोड पर कई जगह नाले खुले हैं और
तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे आम हैं। इस घटना ने एक बार फिर
सड़क सुरक्षा और नालों पर बैरियर लगाने की मांग को तेज कर दिया है।
पुलिस जांच और सुरक्षा पर सवाल
देहली गेट थाना पुलिस ने हादसे का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ड्राइवर का बयान लिया जा रहा है और
सामने से आने वाले वाहन की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि
हादसा दुर्घटना का मामला लग रहा है, लेकिन पूरी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
यह घटना उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों के बढ़ते मामलों को दर्शाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि खुले नालों,
साइनेज की कमी और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती जरूरी है।
परिवार की 10 साल की बच्ची के जल्द स्वस्थ होने की कामना सभी कर रहे हैं।
सड़क सुरक्षा की जरूरत
मेरठ के इस हादसे ने एक बार फिर साबित किया कि सड़क हादसे कितने भीषण हो सकते हैं।
राहगीरों की बहादुरी ने परिवार की जान बचाई, लेकिन
ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सड़क डिजाइन, नाले कवर और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है।
परिवार अब बच्ची के इलाज और ठीक होने का इंतजार कर रहा है