दालमंडी में चौड़ीकरण के लिए बुलडोजर एक्शन
वाराणसी के ऐतिहासिक और व्यस्त इलाके दालमंडी में सोमवार सुबह से बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है। दालमंडी चौड़ीकरण और सड़क सुधार योजना के तहत नगर निगम और प्रशासन ने भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू की। चौक की तरफ से मलबा हटाने का काम तेजी से चल रहा है, जबकि स्थानीय दुकानदारों और निवासियों का विरोध जारी है।
कार्रवाई का विवरण
सुबह करीब 7 बजे से ही दालमंडी में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। एसएसपी, एडीएम और नगर निगम के अधिकारियों के नेतृत्व में जेसीबी और बुलडोजर मशीनें इलाके में प्रवेश कर गईं। सबसे पहले उन मकानों और दुकानों पर कार्रवाई शुरू हुई, जिन्हें अवैध अतिक्रमण घोषित किया गया था। चौक की ओर से शुरू हुई कार्रवाई में अब तक कई पुरानी दुकानें और मकानों के हिस्से ध्वस्त हो चुके हैं। मलबा हटाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली भी लगाई गई हैं।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई दालमंडी चौड़ीकरण योजना का हिस्सा है। इस योजना के तहत दालमंडी से चौक तक की सड़क को 40 फीट चौड़ी किया जाएगा, ताकि ट्रैफिक जाम से निजात मिले और पर्यटकों की सुविधा बढ़े। योजना में कुल 150 से अधिक दुकानें और मकान प्रभावित होने वाले हैं। इनमें से जिन्हें पहले नोटिस दिए गए थे और जिन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की, उन पर आज बुलडोजर चला दिया गया।
दुकानदारों का विरोध और हंगामा
कार्रवाई शुरू होते ही दुकानदारों और स्थानीय लोगों में भारी रोष फैल गया। सैकड़ों दुकानदार और उनके परिवार वाले सड़क पर उतर आए और नारेबाजी करने लगे। कई दुकानदारों ने कहा कि “हमारी जिंदगी यहीं बनी है, हमें कहीं और नहीं जाना है।” कुछ लोगों ने बुलडोजर के सामने बैठकर विरोध जताया, जिसके कारण पुलिस को हल्की लाठीचार्ज करनी पड़ी। हालांकि, कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई।
दुकानदारों का मुख्य आरोप है कि उन्हें पर्याप्त समय और उचित मुआवजा नहीं दिया गया। कई लोगों ने बताया कि वे दशकों से यहां व्यापार कर रहे हैं और अब उन्हें अचानक बेघर किया जा रहा है। कुछ दुकानदारों ने कहा कि “नगर निगम ने पहले मुआवजे की बात की थी, लेकिन अब कुछ नहीं मिल रहा।”
प्रशासन का पक्ष
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी है। सभी प्रभावितों को पहले ही कई बार नोटिस दिए गए थे। जिन्होंने स्वेच्छा से जगह खाली नहीं की, उन पर बुलडोजर एक्शन अनिवार्य था। उन्होंने कहा कि चौड़ीकरण से पूरे इलाके में सुविधा बढ़ेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मुआवजे के लिए अलग से प्रक्रिया चल रही है और योग्य लोगों को जल्द राहत दी जाएगी।
दालमंडी का महत्व और प्रभाव
दालमंडी वाराणसी का पुराना और व्यस्त बाजार है,
जहां दाल, मसाले, चावल और अन्य किराना सामान की थोक दुकानें हैं।
यह बाजार घाटों और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर से भी जुड़ा हुआ है।
चौड़ीकरण से ट्रैफिक सुचारू होगा,
लेकिन व्यापारियों की आजीविका पर असर पड़ने की आशंका है।
कई दुकानदारों ने कहा कि वे वैकल्पिक जगह पर नहीं जाना चाहते,
क्योंकि यहां ग्राहक आधार मजबूत है।
आगे क्या?
प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगी।
दुकानदारों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखने और कोर्ट जाने की बात कही है।
इस बीच, इलाके में तनाव बना हुआ है और भारी पुलिस बल तैनात है।
दालमंडी में यह बुलडोजर एक्शन विकास और आजीविका के बीच संतुलन की एक और मिसाल बन गया है।
शहरवासियों की नजर अब इस बात पर है
कि प्रशासन दुकानदारों की समस्याओं का समाधान कैसे करेगा।
