कांग्रेस नेता पूनम पंडित के घर में घुसकर जानलेवा
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के कोतवाली सिकंदराबाद क्षेत्र में एक गंभीर घटना ने राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। कांग्रेस पार्टी की स्थानीय नेत्री और स्याना विधानसभा से पूर्व चुनावी उम्मीदवार पूनम पंडित के घर में घुसकर उन पर जानलेवा हमला किया गया। घटना गांव इस्माइलपुर की है, जहां शुक्रवार की शाम कुछ अज्ञात हमलावरों ने पूनम पंडित के आवास में जबरन प्रवेश किया और उन पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया।
पूनम पंडित ने तुरंत सिकंदराबाद कोतवाली में पहुंचकर तहरीर दी, जिसमें उन्होंने दो व्यक्तियों को आरोपी बताया। पुलिस ने उनकी शिकायत पर तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया है और दोनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, हमले में पूनम पंडित को चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। उन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
घटना का विवरण और राजनीतिक पृष्ठभूमि
पूनम पंडित बुलंदशहर जिले में कांग्रेस पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता हैं। उन्होंने स्याना विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा चुनाव में पार्टी का प्रतिनिधित्व किया था और स्थानीय स्तर पर महिला अधिकारों, किसानों और सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाती रही हैं। परिवार के सदस्यों के अनुसार, हमला अचानक हुआ और हमलावरों ने घर में घुसकर उन पर हमला किया। पूनम पंडित ने तहरीर में बताया कि हमलावरों ने जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर IPC की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 452 (घर में घुसकर अपराध), 323 (मारपीट), 504 (अपमान) और 506 (धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों को शामिल किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया और परिवार का दावा
घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेताओं ने कोतवाली पहुंचकर पूनम पंडित का हालचाल जाना और पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया और कहा कि महिला नेता पर हमला असहनीय है।
वहीं, परिवार का दावा है कि यह हमला राजनीतिक रंजिश या पुरानी दुश्मनी की वजह से किया गया।
पूनम पंडित ने हाल के समय में स्थानीय स्तर पर कई मुद्दों पर सक्रियता दिखाई थी,
जिससे कुछ लोगों में नाराजगी थी।
पुलिस ने अभी तक हमले के सटीक कारण का खुलासा नहीं किया है, लेकिन जांच में
राजनीतिक कोण को भी शामिल किया जा रहा है। क्षेत्र में
इस घटना से तनाव का माहौल है और स्थानीय लोग सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
महिला नेताओं पर बढ़ते हमले: समाज में चिंता
यह घटना उत्तर प्रदेश में महिला नेताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर बढ़ते हमलों की एक और कड़ी है।
बुलंदशहर जैसे जिलों में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता कभी-कभी हिंसा में बदल जाती है।
पूनम पंडित के परिवार ने न्याय की मांग की है और कहा है कि
वे हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। पुलिस का दावा है कि जांच निष्पक्ष और तेजी से होगी।
यह मामला राजनीतिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे को फिर से उजागर करता है।
आगे की जांच से सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
फिलहाल इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।