1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट संसद में पेश किया। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार रविवार को प्रस्तुत बजट है और निर्मला सीतारमण का नौवां लगातार बजट, जो एक रिकॉर्ड है। बजट ‘युवाशक्ति’ से प्रेरित है और तीन ‘कर्तव्य’ पर आधारित: आर्थिक विकास को तेज करना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और अवसरों की समान पहुंच सुनिश्चित करना। वैश्विक चुनौतियों जैसे अमेरिकी टैरिफ (50% तक) के बीच अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने, विकास दर 7-8% बनाए रखने और रोजगार सृजन पर फोकस है। फिस्कल डेफिसिट 4.3% GDP पर लक्षित, कैपेक्स ₹12.22 लाख करोड़ (11.5% बढ़ोतरी)।
विकास और निर्माण पर फोकस
बजट में पूंजीगत व्यय (Capex) को रिकॉर्ड ₹12.22 लाख करोड़ किया गया, जो GDP का 4.4% है। इससे सड़कें, रेलवे, रक्षा विनिर्माण, शहरी अवसंरचना और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिलेगा। 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद आदि), ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर और पर्यावरण-अनुकूल पैसेंजर सिस्टम पर जोर। इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड से निजी निवेश आकर्षित होगा। पुराने इंडस्ट्रियल क्लस्टर रिवाइव करने के लिए स्कीम, साथ ही रेयर अर्थ कॉरिडोर (ओडिशा, केरल आदि में) और क्रिटिकल मिनरल्स पर फोकस। निर्माण क्षेत्र से ग्रामीण-शहरी रोजगार बढ़ेगा, MSME को ऋण गारंटी और इनपुट लागत राहत मिलेगी।
नौकरी सृजन के प्रमुख कदम
रोजगार बजट का केंद्रबिंदु है। युवा जनसंख्या के डेमोग्राफिक डिविडेंड के लिए कौशल विकास पर जोर: PMKVY विस्तार, डिजिटल ट्रेनिंग, अपरेंटिसशिप, ITI में AI-रोबोटिक्स कोर्स। इंटर्नशिप, CSR स्किलिंग और डिग्री-जॉब लिंकेज पर ऐलान। विनिर्माण क्षेत्र (सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, बायो-फार्मा शक्ति, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट स्कीम) से लाखों नौकरियां। MSME को ‘चैंपियन’ बनाने के लिए ₹10,000 करोड़ SME ग्रोथ फंड और ₹2,000 करोड़ सेल्फ-रिलायंट इंडिया फंड टॉप-अप। TReDS प्लेटफॉर्म अनिवार्य, क्रेडिट गारंटी। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा और इंटरनेट पर निवेश से बेरोजगारी घटेगी।
वैश्विक चुनौतियों का सामना
अमेरिकी टैरिफ और व्यापार तनाव से बचाव के लिए निर्यात प्रोत्साहन, FTA तेजी और घरेलू मांग मजबूती। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत को नई गति: बायो-फार्मा, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, क्रिटिकल मिनरल्स, हाई-टेक टॉय मैन्युफैक्चरिंग। स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यापार आसानी पर निवेश से लंबी स्थिरता। कॉर्पोरेट निवेश के लिए प्रोत्साहन पैकेज, टैक्स सुधार (नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 से 1 अप्रैल 2026 लागू)।
MSME और कौशल विकास की भूमिका
MSME को उत्पादकता बढ़ाने के लिए इक्विटी, लिक्विडिटी और कंप्लायंस सपोर्ट।
‘चैंपियन MSME’ के लिए तीन-तरफा दृष्टिकोण: ग्रोथ फंड, फंड टॉप-अप और
TReDS। IIT-IIM सीटें बढ़ाना, स्मार्ट क्लासरूम, मेगा स्किल हब।
टियर-2/3 शहरों में क्लस्टर और प्रोफेशनल सपोर्ट से MSME मजबूत होंगे।
यह विकास भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करेगा, सामाजिक समावेशन बढ़ाएगा।
विकसित भारत की मजबूत नींव
बजट 2026 विकास, निर्माण और नौकरियों पर केंद्रित है, फिस्कल अनुशासन के साथ।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह स्थिरता और वृद्धि का संतुलन बनाता है।
युवा, MSME और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस से अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
पीएम मोदी ने इसे ‘विकसित भारत@2047’ की मजबूत नींव बताया।
बजट युवाशक्ति और समावेशी विकास का संदेश देता है।
