हाथरस में 30 बीघा जमीन विवाद
हाथरस जमीन विवाद हत्या की दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया है। 20 मार्च 2026 को सासनी कोतवाली क्षेत्र के गांव सीकुर में 30 बीघा जमीन के विवाद में भीमसेन (45) की उनके दो सगे भाइयों और भतीजे ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। लाठी-डंडों, फावड़े और दराती से सिर पर कई वार किए गए। बचाव में आई बेटी खुशी (17) भी बुरी तरह घायल हो गई। यह खूनी संघर्ष पिता की वसीयत से उपजा, जहां जमीन भीमसेन के नाम कर दी गई थी।
घटना का पूरा विवरण: खेत में चारा काटते समय हमला
शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे भीमसेन अपनी बेटी खुशी के साथ खेत में चारा काटने गए थे। तभी बड़े भाई रविंद्र, छोटे भाई पूरन सिंह और पूरन का बेटा यशवीर पहुंचे। उन्होंने भीमसेन से जमीन में अपना हिस्सा मांगा। बात बढ़ी तो तीनों ने मिलकर लाठी-डंडों से हमला शुरू कर दिया। खुशी ने बचाव में कूदकर पिता को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसे भी पीटा गया। भीमसेन भागने की कोशिश में चरी के खेत में गिर पड़े। आरोपियों ने सिर पर फावड़े और दराती से कई वार किए, अधमरी हालत में छोड़कर फरार हो गए।
खुशी की चीख-पुकार पर ग्रामीण पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने लहूलुहान भीमसेन को सासनी सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बेटे हरकेश की पत्नी वीनेश ने तीनों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पिता की वसीयत बनी मौत का कारण
तीन भाइयों में रविंद्र सबसे बड़े, भीमसेन बीच वाले और पूरन सबसे छोटे हैं। कई साल से रविंद्र और पूरन फरीदाबाद में मजदूरी करते थे, परिवार भी वहीं रहता था। गांव में सिर्फ भीमसेन का परिवार रहता था। करीब दो साल पहले पिता वीरेंद्र सिंह ने 30 बीघा जमीन भीमसेन के नाम वसीयत कर दी। वसीयत के एक महीने बाद वीरेंद्र की मौत हो गई। भीमसेन ने दाखिल-खारिज भी करा लिया। पिता की मौत के बाद भाइयों को पता चला तो उन्होंने धोखे से जमीन हड़पने का आरोप लगाया।
कुछ महीनों से पूरन की पत्नी गांव में रहकर विवाद बढ़ा रही थी। पुलिस और ग्रामीणों के अनुसार,
जमीन विवाद लंबे समय से चल रहा था, लेकिन शुक्रवार को हिंसा भड़क उठी।
पुलिस जांच और फॉरेंसिक टीम की छानबीन
एसओजी, सर्विलांस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। खेत से खून से सने फावड़ा, बैंत,
गमछा और दराती का पत्ता बरामद किया गया। ग्रामीणों से पूछताछ की गई।
सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने छानबीन की। एएसपी रामानंद कुशवाहा ने बताया कि
तीनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज है, फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
यह घटना UP में जमीन विवाद से जुड़ी हिंसा की बढ़ती संख्या को दिखाती है।
परिवारों में रिश्ते खून के प्यासे हो रहे हैं।
पुलिस ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
