हवाई किराए की मनमानी पर ब्रेक
भारत। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के ऑपरेशनल संकट ने हवाई यात्रा को ठप कर दिया है। पिछले 5 दिनों में 1600 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसल हो चुकी हैं, जिससे हवाई किराए आसमान छूने लगे। दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्री सड़कों पर उतर आए। इसी बीच, नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने सख्त कदम उठाते हुए सभी प्रभावित रूटों पर फेयर कैप लगाने का आदेश जारी किया। 6 दिसंबर 2025 को PIB और द हिंदू की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फैसला यात्रियों को मनमाने किराए से बचाने के लिए लिया गया। कैंसिल फ्लाइट्स के रिफंड 7 दिसंबर शाम 8 बजे तक पूरे करने और रीशेड्यूलिंग पर कोई चार्ज न लगाने के निर्देश भी दिए।
इंडिगो संकट का पूरा विवरण: 1600+ फ्लाइट्स कैंसल, क्यों हुई यह भगदड़?
इंडिगो, जो देश की 66% घरेलू उड़ानों का संचालन करती है, नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों का शिकार हो गई। 1 नवंबर 2025 से लागू इन नियमों में पायलटों के लिए ज्यादा रेस्ट पीरियड और कम नाइट लैंडिंग्स का प्रावधान है। इंडिगो क्रू रोस्टर को समय पर अपडेट न कर पाई, जिससे पायलट और क्रू की कमी हो गई। नतीजा: 2 दिसंबर से शुरू होकर 6 दिसंबर तक 1000+ फ्लाइट्स कैंसल।
6 दिसंबर को ही 400 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसल हुईं। दिल्ली एयरपोर्ट पर पूरे दिन कोई डिपार्चर नहीं, चेन्नई में सभी घरेलू फ्लाइट्स रद्द। बैंगलोर से दिल्ली-मुंबई रूट्स ठप। यात्रियों ने एयरपोर्ट्स पर विरोध प्रदर्शन किया। उदाहरण: हैदराबाद-मुंबई का किराया 70,000 रुपये और हैदराबाद-भोपाल का 90,000 रुपये पहुंच गया। द हिंदू की रिपोर्ट कहती है कि यह संकट 5वें दिन भी जारी है, DGCA ने अस्थायी छूट दी है जो 10 फरवरी तक चलेगी।
हवाई किराए में 10 गुना उछाल: यात्रियों की परेशानी
संकट से सभी एयरलाइंस के किराए बढ़ गए। इंडिगो की कमी से सीटें कम हुईं, तो अन्य एयरलाइंस ने मनमानी की। मेट्रो रूट्स पर किराया सामान्य से 5-10 गुना बढ़ा। उदाहरण: दिल्ली-मुंबई का किराया 20,000 से 1 लाख रुपये। स्टूडेंट्स, मरीज और बिजनेसमैन सबसे प्रभावित। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, हबली में एक शादी वर्चुअल हो गई क्योंकि दंपति फंस गए। सोशल मीडिया पर #IndiGoCrisis ट्रेंड कर रहा है, जहां यात्री अपनी व्यथा बता रहे हैं।
सरकार की सख्ती: फेयर कैप क्या है और कैसे लागू होगा?
MoCA ने सभी रूट्स पर फेयर कैप लागू कर दिया। यह नियम पहले से मौजूद थे, लेकिन संकट में सख्ती से पालन का आदेश। प्रमुख बिंदु:
- मेट्रो रूट्स: दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-बैंगलोर आदि पर अधिकतम 10,000-15,000 रुपये।
- अन्य रूट्स: 5,000-8,000 रुपये तक कैप।
- अवधि: संकट समाप्त होने तक।
- रिफंड: सभी कैंसल फ्लाइट्स का रिफंड 7 दिसंबर 8 PM तक, बिना देरी।
- रीशेड्यूलिंग: कोई फीस नहीं।
- बैगेज: तुरंत लौटाना।
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट में कहा गया कि उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई। मिनिस्टर ऑफ स्टेट मृदुल मोहल ने कहा, “यात्रियों की असुविधा पर गंभीर नजर, सामान्य स्थिति जल्द बहाल होगी।” DGCA ने FDTL पर छूट देकर क्रू डिप्लॉयमेंट आसान किया।
यात्रियों पर असर: राहत या चुनौती?
फेयर कैप से किराए नियंत्रित होंगे, लेकिन सीटों की कमी से बुकिंग मुश्किल। स्पाइसजेट ने मुंबई से एक्स्ट्रा फ्लाइट्स जोड़ीं।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, 3 दिनों में सेवाएं बहाल होने की उम्मीद।
लेकिन अभी 400+ फ्लाइट्स कैंसल हैं।
यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेन/बस चुननी पड़ रही। आर्थिक नुकसान: करोड़ों का।
हवाई यात्रा में मनमानी से बचाव: जरूरी टिप्स
- फ्लाइट स्टेटस चेक: IndiGo ऐप या वेबसाइट से लाइव अपडेट लें।
- रिफंड क्लेम: कैंसलेशन पर तुरंत ईमेल करें, हेल्पलाइन 1800-209-3344 पर कॉल।
- वैकल्पिक बुकिंग: IRCTC या अन्य एयरलाइंस चेक करें।
- बीमा लें: ट्रैवल इंश्योरेंस से कवरेज।
- शिकायत: DGCA पोर्टल या 011-24610612 पर।
