बॉर्डर (Gräns) 2018 की एक स्वीडिश फैंटेसी ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन अली अब्बासी ने किया है। यह फिल्म जॉन अज्वाइड लिंडक्विस्ट की शॉर्ट स्टोरी पर आधारित है और अपनी विचित्र, गहन और विचारोत्तेजक कहानी के लिए विश्व स्तर पर प्रशंसा बटोर चुकी है। फिल्म पहली नजर में एक रहस्यमयी क्राइम थ्रिलर लगती है, लेकिन धीरे-धीरे यह एक गहरी फैंटेसी और मानवता की सीमाओं पर सवाल उठाने वाली लव स्टोरी में बदल जाती है। रॉटन टोमेटोज पर 97% क्रिटिक स्कोर (130+ रिव्यूज के आधार पर) और 7.9/10 औसत रेटिंग इसे 2018 की सबसे अनोखी फिल्मों में से एक बनाती है। यह फिल्म Cannes Film Festival में Un Certain Regard अवॉर्ड जीत चुकी है और ऑस्कर में बेस्ट मेकअप के लिए नामांकित हुई थी।
प्लॉट सारांश (स्पॉइलर-फ्री)
फिल्म की कहानी टिना (ईवा मेलैंडर) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो स्वीडन की सीमा पर कस्टम्स अधिकारी है। टिना की सबसे खास बात उसकी असाधारण गंध की शक्ति है – वह इंसानों की भावनाओं, खासकर अपराधबोध और डर को सूंघ सकती है। इस क्षमता से वह अपराधियों को आसानी से पकड़ लेती है। लेकिन उसका जीवन अकेला और अलग-थलग है, क्योंकि उसका Neanderthal जैसा दिखावट (भारी प्रोस्थेटिक्स के साथ) उसे समाज से अलग करता है।
एक दिन बॉर्डर पर वह वोर (ईरो मिलोनॉफ) नामक एक संदिग्ध व्यक्ति से मिलती है, जो उसके जैसा ही दिखता है – जंगली, रहस्यमयी और अलग। दोनों के बीच तुरंत गहरा आकर्षण पैदा होता है। कहानी बच्चे पोर्नोग्राफी की जांच से शुरू होकर धीरे-धीरे ट्रॉली (Troll) मिथक की ओर मुड़ती है, जहां टिना को अपनी असली पहचान का पता चलता है। फिल्म मानव और जानवर के बीच की रेखा को धुंधला करती है, पहचान, सेक्सुअलिटी, अलगाव और प्रकृति के साथ जुड़ाव जैसे गहरे मुद्दों को छूती है। यह एक अनोखी लव स्टोरी है जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी कि “इंसानियत” क्या है?
अभिनय और निर्देशन
ईवा मेलैंडर का अभिनय फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा है। भारी प्रोस्थेटिक्स और मेकअप के बावजूद वह टिना के भावनात्मक सफर को इतनी गहराई से निभाती हैं कि दर्शक उनकी अकेलेपन, भ्रम और अंततः मुक्ति को महसूस करते हैं।
ईरो मिलोनॉफ वोर के जंगली, आकर्षक और खतरनाक व्यक्तित्व को बखूबी जीवंत करते हैं।
दोनों के केमिस्ट्री फिल्म को भावुक और डरावना दोनों बनाती है।
निर्देशक अली अब्बासी ने धीमी गति, सुंदर सिनेमेटोग्राफी और न्यूनतम संवादों से दर्शकों को बांधे रखा है।
फिल्म की पैसिंग धीमी है, लेकिन हर सीन में गहराई है।
यह बॉडी-हॉरर, रोमांस और फैंटेसी का अनोखा मिश्रण है, जो क्रोनेंबर्ग की फिल्मों की याद दिलाता है।
तकनीकी पहलू
फिल्म की सिनेमेटोग्राफी स्वीडन के जंगलों, सीमाओं और प्राकृतिक सुंदरता को खूबसूरती से कैद करती है।
मेकअप और स्पेशल इफेक्ट्स (ट्रॉली ट्रांसफॉर्मेशन) बेहद रियलिस्टिक हैं, जो फिल्म को विश्वसनीय बनाते हैं।
बैकग्राउंड म्यूजिक भावनाओं को और गहरा करता है। हालांकि, फिल्म में कुछ ग्राफिक और डिस्टर्बिंग सीन हैं
(सेक्सुअल कंटेंट, वायलेंस), जो हर दर्शक के लिए नहीं हो सकते।