परिचय: अस्पताल परिसर में खौफनाक हादसा, पार्किंग बनी तबाही का मैदान
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक सनसनीखेज हादसे की खबर सामने आई है, जहां हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर हॉस्पिटल के पार्किंग एरिया में एक तेज रफ्तार बोलेरो अचानक बेकाबू हो गई। शनिवार दोपहर (30 नवंबर 2025) को हुई इस घटना ने पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मचा दी। बोलेरो ने पार्किंग में खड़ी करीब 16 दोपहिया वाहनों को बुरी तरह रौंद दिया, जिससे हजारों रुपये की क्षति हुई। सौभाग्य से कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन वाहन मालिकों में गुस्सा भड़क गया। ड्राइवर को तुरंत पकड़ लिया गया और शाहपुर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
कैंसर हॉस्पिटल जैसे संवेदनशील स्थान पर ऐसा हादसा होना न केवल चिंताजनक है, बल्कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी को उजागर करता है। आइए, इस घटना की पूरी कहानी को विस्तार से जानते हैं।
हादसे का पूरा विवरण: कैसे घुसी बोलेरो पार्किंग में?
घटना दोपहर करीब 2 बजे की है। मंझरिया गांव (बड़हलगंज) के रहने वाले यशवंत यादव नामक व्यक्ति अपनी बोलेरो कार (यूपी 51 एटी 0089) लेकर अस्पताल पहुंचे थे। प्रारंभिक जांच के अनुसार, यशवंत किसी अन्य अस्पताल में खून दान करने के बाद कैंसर हॉस्पिटल आए थे। संभवतः थकान या चक्कर के कारण उनकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया, जिससे वे गेट से अंदर घुसते हुए नियंत्रण खो बैठे।
बोलेरो ने सीधे पार्किंग एरिया में घुसते हुए लगातार 16 बाइक और स्कूटरों को कुचल दिया। वाहन आपस में टकराए, धातु की चीखें गूंजीं और पार्किंग में खड़े मरीजों व परिजनों ने भागकर अपनी जान बचाई। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि बोलेरो अनियंत्रित होकर लगभग 50 मीटर तक दौड़ी, जिससे कई वाहन पूरी तरह चूर-चूर हो गए। हॉस्पिटल कर्मचारियों ने फौरन कार रोकी और ड्राइवर को बाहर निकाल लिया। यशवंत की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उन्हें मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है।
ड्राइवर हिरासत में: पुलिस की जांच और कार्रवाई
शाहपुर थाना पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई। इंस्पेक्टर नीरज राय के नेतृत्व में टीम ने ड्राइवर यशवंत यादव को हिरासत में ले लिया। प्राथमिकी IPC की धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना), 337 (चोट पहुंचाना) और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि ड्राइवर की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। अगर शराब या नशे का प्रभाव पाया गया, तो सख्त धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
वाहन मालिकों ने हंगामा किया और अस्पताल प्रशासन से मुआवजे की मांग की। कई मरीजों के परिजन प्रभावित हुए, जिनके वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। अस्पताल ने आश्वासन दिया है कि बीमा क्लेम में सहयोग किया जाएगा। फिलहाल, पार्किंग एरिया को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है।
वायरल वीडियो: सोशल मीडिया पर मचा बवाल
सीसीटीवी फुटेज में बोलेरो का रफ्तार पकड़ना और वाहनों को रौंदना खौफनाक लग रहा है।
वीडियो में दिखता है कि कैसे लोग चीखते-चिल्लाते इधर-उधर भागे।
आजतक, टीवी9 हिंदी और अन्य न्यूज चैनलों ने इसे प्रमुखता से दिखाया
, जिससे लाखों व्यूज हो चुके हैं।
ट्विटर (X) पर #GorakhpurAccident ट्रेंड कर रहा है
, जहां लोग ट्रैफिक सुरक्षा पर बहस कर रहे हैं।
एक यूजर ने लिखा,
“कैंसर हॉस्पिटल में ऐसा हादसा, भगवान बचाए!”
यह वीडियो न केवल घटना की गंभीरता दर्शाता है,
बल्कि अस्पतालों में पार्किंग सुरक्षा की कमी को भी उजागर करता है।
सेफ्टी टिप्स: ऐसे हादसों से कैसे बचें?
इस घटना से सबक लेते हुए, यहां कुछ जरूरी सलाह:
- ड्राइविंग से पहले मेडिकल चेक: थकान या चक्कर महसूस हो तो वाहन न चलाएं।
- स्पीड लिमिट का पालन: अस्पताल जोन में 20-30 किमी/घंटा से ज्यादा न चलाएं।
- पार्किंग सेफ्टी: बैरिकेडिंग और साइनबोर्ड अनिवार्य करें।
- बीमा अपडेट रखें: वाहन मालिक हमेशा थर्ड पार्टी इंश्योरेंस चेक करें।
- इमरजेंसी में: हेल्पलाइन 100 या 112 पर कॉल करें।
सरकार को अस्पतालों में ट्रैफिक वार्डन तैनात करने की जरूरत है।