मुंबई की सबसे बड़ी राजनीतिक जंग थमी
14 जनवरी 2026 को मुंबई महानगरपालिका (BMC) के 227 वार्डों में मतदान संपन्न हो गया। अब सारी नजरें मतगणना पर टिकी हैं, जो 15 जनवरी 2026 को होगी। पिछले 25 सालों से शिवसेना का गढ़ रही BMC अब दो गुटों में बंट चुकी है – उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और एकनाथ शिंदे की महायुति (शिवसेना + BJP + अन्य)। प्रचार के दौरान दोनों तरफ से जोरदार दावे किए गए, लेकिन अब फैसला मतदाता का है। क्या BMC फिर से एकजुट शिवसेना के पास रहेगी या महायुति का कब्जा होगा? आइए जानते हैं प्रमुख मुद्दे और भविष्यवाणी।
प्रमुख मुद्दे जो चुनाव को रोचक बनाते हैं
BMC चुनाव 2026 में ये मुद्दे सबसे ज्यादा चर्चा में रहे:
- बुनियादी ढांचा और बाढ़ समस्या – मुंबई में हर मानसून में जलभराव, खराब सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम की कमी। दोनों पार्टियां इसे सबसे बड़ा मुद्दा बताती रहीं।
- स्लम पुनर्वास और झुग्गी-झोपड़ी – धारावी, गोवंडी, चेंबूर जैसे इलाकों में लाखों लोग झुग्गियों में रहते हैं। पुनर्वास की गति धीमी होने पर दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप।
- शिवसेना का विभाजन और विरासत – उद्धव ठाकरे ने “असली शिवसेना” का दावा किया, जबकि शिंदे गुट ने “महाराष्ट्र के हित में काम” पर जोर दिया।
- महिला सुरक्षा और स्वच्छता – मुंबई में बढ़ती क्राइम रेट और सफाई व्यवस्था पर सवाल।
- विकास बनाम सांस्कृतिक पहचान – BJP ने इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े प्रोजेक्ट्स (ट्रांस-हार्बर लिंक, मेट्रो) पर फोकस किया, जबकि UBT ने मराठी अस्मिता और बाल ठाकरे की विरासत को हथियार बनाया।
- कोरोना के बाद आर्थिक रिकवरी – छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और मध्यम वर्ग की परेशानियां।
ये मुद्दे मुंबई के हर वार्ड में गूंजे और मतदाताओं को प्रभावित किया।
दोनों गुटों की ताकत और कमजोरियां
- शिवसेना (UBT) – उद्धव ठाकरे गुट
- मजबूत आधार: पुरानी शिवसेना के वफादार, मराठी माणूस वोट बैंक, पूर्वी उपनगर (ठाणे, मुलुंड, भांडुप)
- कमजोरी: विभाजन के बाद संगठन कमजोर, कुछ वार्डों में कार्यकर्ता शिंदे गुट में चले गए।
- अनुमानित सीटें: 80-100 (अगर मराठी वोट एकजुट रहा)
- महायुति (शिंदे शिवसेना + BJP + अन्य)
- मजबूत पक्ष: BJP का मजबूत संगठन, पश्चिमी उपनगर (अंधेरी, बांद्रा, जुहू), शिंदे का व्यक्तिगत प्रभाव, केंद्र सरकार का समर्थन।
- कमजोरी: शिवसेना का पुराना वोट बैंक टूटा हुआ।
- अनुमानित सीटें: 100-130 (अगर BJP का वोट ट्रांसफर अच्छा रहा)
मतगणना और भविष्यवाणी
मतदान प्रतिशत इस बार करीब 55-58% रहा, जो पिछले चुनाव से थोड़ा कम है। एग्जिट पोल्स अभी तक नहीं आए हैं, लेकिन ग्राउंड रिपोर्ट्स के अनुसार कांटे की टक्कर है।
- अगर मराठी अस्मिता का मुद्दा हावी रहा तो उद्धव ठाकरे गुट मजबूत स्थिति में।
- अगर विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर वोट पड़े तो महायुति बहुमत के करीब पहुंच सकती है।
कई विश्लेषकों का मानना है कि 110-120 सीटें जीतने वाली पार्टी बहुमत हासिल करेगी, क्योंकि मेयर और स्थायी समिति चेयरमैन का चुनाव बहुमत से होता है।
BMC चुनाव 2026 मुंबई की राजनीति का सबसे बड़ा टेस्ट है। शिवसेना का गढ़ बचाना या महायुति का कब्जा –
यह फैसला मुंबई के भविष्य को तय करेगा।
मतगणना के दिन (15 जनवरी 2026) से ही तस्वीर साफ होने लगेगी
