खूनी अंत
गोरखपुर, 2 दिसंबर 2025: दोस्ती का रिश्ता जब खून से रंग जाए तो उससे बड़ा दर्द और कुछ नहीं। गोरखपुर जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र में एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। 28 वर्षीय युवक अजय यादव की उसके चार कथित दोस्तों ने महज 15-20 हजार रुपये के लेन-देन के विवाद में ईंट-पत्थर से कुचलकर निर्मम हत्या कर दी। शव को खेत में फेंककर आरोपी भाग निकले, लेकिन पुलिस ने 24 घंटे के अंदर सभी चारों को दबोच लिया। हत्या में इस्तेमाल ईंट, पत्थर और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए गए हैं।
घटना का पूरा विवरण: दोस्ती से दुश्मनी तक
मृतक अजय यादव पिपराइच के जंगल भगवानपुर गांव का रहने वाला था। वह मजदूरी करता था और अपने दोस्तों रोहित, सोनू, पिंटू और छोटू के साथ अक्सर शराब पीता था। पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से अजय ने रोहित से 18 हजार रुपये उधार लिए थे। सोमवार शाम अजय ने रोहित से पैसे वापस मांगे, लेकिन वह टालमटोल करने लगा। इसी बात पर बहस हुई और देखते-ही-देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
गुस्साए रोहित ने अपने तीन साथियों को बुलाया और सबने मिलकर अजय पर ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया। सिर, चेहरा और शरीर पर 20 से अधिक वार किए गए। जब अजय की सांसें थम गईं, तो चारों ने शव को पास के खेत में घसीटकर फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। मंगलवार सुबह खेत में काम करने गए किसान को शव दिखा, जिसने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 24 घंटे में सुलझा केस
सूचना मिलते ही SP नॉर्थ मनोज अवस्थी, CO पिपराइच और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। शव की हालत देखकर साफ था कि हत्या बेरहमी से की गई है। पुलिस ने तकनीकी जांच और मुखबिरों की मदद से रोहित, सोनू उर्फ सोनू यादव, पिंटू और छोटू उर्फ छोटेलाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में चारों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
पुलिस ने बताया कि रोहित मुख्य आरोपी है, जिसने सबसे पहले ईंट उठाई थी। हत्या में इस्तेमाल ईंट-पत्थर, खून से सने कपड़े और अजय का मोबाइल बरामद कर लिया गया है।
चारों के खिलाफ हत्या की धारा 302 व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
परिवार का दर्द: “दोस्तों ने ही छीन लिया सहारा”
अजय के पिता रामलखन यादव ने रोते हुए कहा, “मेरा बेटा ही घर का सहारा था।
दो छोटे बच्चे और पत्नी को अब कौन संभालेगा?
” मां का तो रो-रोकर बुरा हाल है।
गांव में मातम पसरा हुआ है।
परिजनों ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।
गोरखपुर में बढ़ते अपराध: छोटे विवादों का खूनी अंत
यह पहला मामला नहीं जब गोरखपुर में छोटे-मोटे विवाद ने जान ले ली।
पिछले 3 महीनों में ही शराब, पैसे और जमीन के झगड़ों में 6 हत्याएं हो चुकी हैं।
पुलिस का दावा है
कि योगी सरकार की सख्ती से अपराध कम हुए हैं,
लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी शराब और नशे की लत खतरनाक साबित हो रही है।
