पीपीगंज संतकबीरनगर
किल्लत के बीच महंगे दामों पर सिलिंडर की कालाबाजारी
उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत के बीच कालाबाजारी का मामला सामने आया है। मंगलवार देर रात पीपीगंज क्षेत्र में आशीष गैस एजेंसी की एक गाड़ी से सिलिंडर 1500 रुपये के ब्लैक रेट पर बेचे जा रहे थे। सामान्य मूल्य से लगभग दोगुना दाम वसूलने की इस घटना ने आम लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया। जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो गैस एजेंसियों को सील कर दिया। यह घटना खाड़ी देशों में युद्ध के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित होने से जुड़ी है।
घटना का विवरण: आशीष गैस एजेंसी की गाड़ी से ब्लैक मार्केटिंग
मंगलवार देर रात पीपीगंज के नौसड़ इलाके में सूचना मिली कि आशीष गैस एजेंसी की एक वाहन से घरेलू एलपीजी सिलिंडर महंगे दामों पर बेचे जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने देखा कि सामान्य 12 किलो सिलिंडर को 1500 रुपये में ब्लैक में दिया जा रहा था, जबकि सरकारी सब्सिडी वाले रेट में यह बहुत कम होता है। सूचना पर आपूर्ति विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में पाया गया कि गाड़ी में कई सिलिंडर लोड थे और इन्हें बिना बिल के, कालाबाजारी के तरीके से बेचा जा रहा था। विभाग ने गाड़ी को कब्जे में ले लिया और संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
दो गैस एजेंसियां सील, स्टॉक में भारी अंतर
बुधवार को आपूर्ति विभाग ने छापेमारी जारी रखी। जांच में आशीष गैस एजेंसी के अलावा एक अन्य एजेंसी में भी स्टॉक में भारी गड़बड़ी पाई गई। रिकॉर्ड के मुताबिक प्राप्त सिलिंडरों की संख्या और बिक्री के रिकॉर्ड में बड़ा अंतर था। इससे साफ हुआ कि एजेंसियां सिलिंडरों को बाजार में ब्लैक में बेच रही थीं। जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने बताया, “दोनों गैस एजेंसियों को सील कर दिया गया है। स्टॉक में अंतर पाए जाने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे ऐसी गतिविधियों की सूचना तुरंत दें।
खाड़ी युद्ध का असर: गैस सिलिंडर की आपूर्ति प्रभावित
खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध और वैश्विक तनाव के कारण एलपीजी की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत में भी कई जिलों में सिलिंडर की कमी देखी जा रही है। संतकबीरनगर जैसे जिलों में यह कमी और गंभीर हो गई, जिसका फायदा कालाबाजारियों ने उठाया। आम परिवारों को अब सिलिंडर के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। कई जगहों पर सब्सिडी वाले सिलिंडर आसानी से नहीं मिल रहे, जिससे ब्लैक मार्केट फल-फूल रहा है।
विभाग की कार्रवाई और आगे की चुनौतियां
आपूर्ति विभाग ने इस मामले में तेजी से एक्शन लिया, लेकिन यह सवाल उठता है कि
ऐसी गतिविधियां पहले क्यों नहीं पकड़ी गईं। जिले में नियमित छापेमारी और स्टॉक ऑडिट की जरूरत है।
आम लोगों को जागरूक रहना होगा और 1957 (उपभोक्ता हेल्पलाइन) या
स्थानीय आपूर्ति कार्यालय में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। सरकार की तरफ से सिलिंडर की
आपूर्ति बढ़ाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त निगरानी जरूरी है।
गरीबों पर बोझ बढ़ा, कार्रवाई जारी रखें
1500 रुपये में सिलिंडर बेचने की घटना गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बड़ा झटका है।
विभाग की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन ऐसी घटनाओं को जड़ से खत्म करने के लिए
लगातार मॉनिटरिंग और सख्त सजा जरूरी है। संतकबीरनगर के लोगों को उम्मीद है कि
जल्द ही सामान्य आपूर्ति बहाल होगी और कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगेगी।
