बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 में महायुति गठबंधन की जीत सुनिश्चित करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अनुशासन पर सख्ती बरती है। मुंबई BJP अध्यक्ष और विधायक अमित साटम (Ameet Satam) ने 8-9 जनवरी 2026 को जारी आदेश में 26 कार्यकर्ताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 6 साल के लिए निष्कासित (सस्पेंड) कर दिया है। यह कार्रवाई BMC चुनावों (15 जनवरी 2026 को मतदान) से ठीक पहले की गई है, जब पार्टी संगठन को मजबूत और एकजुट रखना सबसे जरूरी है।
निष्कासित कार्यकर्ताओं में पूर्व पार्षद और बागी उम्मीदवार शामिल
निलंबित किए गए कार्यकर्ताओं में कई पूर्व कॉर्पोरेटर, वार्ड स्तर के पदाधिकारी और वे लोग शामिल हैं जो महायुति के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ बागी होकर चुनाव लड़ रहे थे या उनका विरोध कर रहे थे। प्रमुख नामों में शामिल हैं:
- दिव्या ढोले (वार्ड 60, वर्सोवा)
- नेहल अमर शाह (वार्ड 177, माटुंगा)
- जहांवी राणे (वार्ड 205, अभ्युदय नगर)
- आसावरी पाटील (वार्ड 2, बोरीवली) – अब शिवसेना UBT के साथ चुनाव लड़ रही हैं
- मोहन अंबेकर (वार्ड 166)
- धनश्री बागेल (वार्ड 131)
और अन्य कई पूर्व कॉर्पोरेटर और पदाधिकारी। अमित साटम के आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि इन लोगों ने पार्टी की बार-बार चेतावनी के बावजूद महायुति उम्मीदवारों का सहयोग नहीं किया, पार्टी लाइन के खिलाफ काम किया और एंटी-महायुति गतिविधियां जारी रखीं।
कारण: पार्टी अनुशासन और महायुति की एकता
BJP मुंबई इकाई का कहना है कि BMC चुनाव पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, जहां कुल 227 वार्डों में महायुति (BJP + शिवसेना शिंदे गुट + अन्य) संयुक्त रूप से लड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में कई बागी उम्मीदवारों ने निर्दलीय या विरोधी दल से नामांकन किया, जिससे पार्टी को नुकसान होने का खतरा था। पार्टी ने पहले कुछ बागियों को मनाने की कोशिश की, जैसे सुनीता यादव (वार्ड 1) और जनक संघवी (वार्ड 221) को वापस बुलाया गया, लेकिन बाकी पर सख्त कार्रवाई जरूरी हो गई।
अमित साटम ने कहा, “पार्टी हित सर्वोपरि है। अनुशासनहीनता, गुटबाजी या महायुति के खिलाफ काम करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई संगठन को मजबूत करने के लिए है।”
BMC चुनाव 2026 का संदर्भ
BMC चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने हैं, जिसमें मतगणना 16 जनवरी को होगी। यह चुनाव 227 वार्डों पर है, जहां महायुति ने 207 सीटों पर सहमति बनाई है
(BJP 128, शिवसेना शिंदे 79 आदि)। विपक्षी दलों जैसे शिवसेना UBT, कांग्रेस, AAP और MNS से कड़ी टक्कर है।
इस बीच, कांग्रेस से निष्कासित 12 पार्षदों का BJP में शामिल होना एक बड़ा उलटफेर रहा,
लेकिन पार्टी भीतर से बागी तत्वों को साफ करने में जुटी है।
राजनीतिक प्रभाव और प्रतिक्रिया
यह कदम BJP की जीत की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
पार्टी का मानना है कि अनुशासन से वोट बैंक मजबूत होगा। हालांकि, कुछ निलंबित कार्यकर्ताओं ने इसे अन्याय बताया है।
जैसे नेहल शाह ने आरोप लगाया कि आधिकारिक उम्मीदवार ने दस्तावेजों में छेड़छाड़ की और वे कानूनी कार्रवाई करेंगी।
यह कार्रवाई महाराष्ट्र की अन्य सिविक बॉडी चुनावों में भी अनुशासन का संदेश दे रही है।
BJP का फोकस अब एकजुट होकर महायुति की जीत पर है,
ताकि मुंबई की सबसे बड़ी महानगरपालिका पर फिर से कब्जा हो सके।