वृंदावन राजकीय बालिका संरक्षण
वृंदावन (मथुरा) में स्थित राजकीय बालिका संरक्षण गृह से पांच नाबालिग लड़कियों के फरार होने की घटना ने प्रशासन और पुलिस को हिला कर रख दिया है। रविवार रात को अचानक गृह से गायब हुई ये पांचों लड़कियां विभिन्न उम्र की थीं और संरक्षण गृह में सुरक्षा और देखभाल के लिए रखी गई थीं। सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। अब तक दो लड़कियां अपने घर पहुंच चुकी हैं, लेकिन तीन लड़कियों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस की टीमों ने आसपास के इलाकों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।
घटना का विवरण और पुलिस की कार्रवाई
वृंदावन के बालिका संरक्षण गृह में कुल 40-50 लड़कियां रहती हैं, जिनमें अधिकांश यौन शोषण, मानव तस्करी, बाल विवाह या पारिवारिक उपेक्षा के शिकार होती हैं। रविवार रात करीब 10 बजे गृह की स्टाफ को पता चला कि पांच लड़कियां गायब हैं। गृह की दीवार फांदकर या मुख्य द्वार से निकलकर ये फरार हुईं। सूचना मिलते ही मथुरा पुलिस, वृंदावन कोतवाली और महिला थाना टीम सक्रिय हुई।
पुलिस ने बताया कि दो लड़कियां (उम्र 14 और 16 वर्ष) अपने घर पहुंच चुकी हैं। एक लड़की ने परिवार को फोन कर बताया कि वह सुरक्षित है, जबकि दूसरी को उसके परिजन खुद ढूंढकर ले आए। दोनों ने बताया कि वे गृह से बाहर निकलकर बस से अपने गांव चली गईं।
बाकी तीन लड़कियां (उम्र 13, 15 और 17 वर्ष) अभी भी लापता हैं। इनमें से दो की तस्वीरें और विवरण सोशल मीडिया और पुलिस व्हाट्सएप ग्रुप्स पर शेयर किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि ये तीनों साथ में हैं और किसी परिचित या रिश्तेदार के यहां छिप सकती हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच
जिला प्रशासन ने बाल संरक्षण गृह की स्टाफ से पूछताछ शुरू कर दी है। गृह की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी फुटेज और स्टाफ की ड्यूटी रजिस्टर की जांच हो रही है। मथुरा के डीएम और एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया है और विशेष टीम गठित की है। पुलिस ने कहा कि लड़कियों की तलाश के लिए पड़ोसी जिलों—आगरा, मथुरा, भरतपुर (राजस्थान) और दिल्ली बॉर्डर पर अलर्ट जारी किया गया है।
परिवारों से बातचीत में पता चला कि कुछ लड़कियां गृह में लंबे समय से रह रही थीं और
घर वापसी की इच्छा जाहिर कर चुकी थीं। प्रशासन का कहना है कि
अगर लड़कियां सुरक्षित हैं तो उन्हें जबरदस्ती नहीं लाया जाएगा, लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
समाज में बढ़ती चिंता
यह घटना वृंदावन जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि बालिका संरक्षण गृहों में बेहतर काउंसलिंग,
मनोवैज्ञानिक सहायता और परिवार से संपर्क बढ़ाया जाए ताकि ऐसी घटनाएं न हों।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को
इन तीन लड़कियों की जानकारी हो तो तुरंत सूचना दें।
वृंदावन पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
यह मामला अब सिर्फ तीन लड़कियों की तलाश का नहीं,
बल्कि बाल संरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग बन चुका है।
प्रशासन का दावा है कि जल्द ही तीनों लड़कियां सुरक्षित मिल जाएंगी।