बड़ी खुशखबरी: गोरखपुर में गीता प्रेस को गीडा से 10 एकड़ जमीन, 300 नौकरियां और 81 करोड़ का निवेश होगा
बड़ी खुशखबरी: गोरखपुर, 27 नवंबर 2025: धार्मिक साहित्य के क्षेत्र में विश्वविख्यात गीता प्रेस को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) से बड़ा तोहफा मिला है। गीडा ने सेक्टर 27 में 10 एकड़ भूमि आवंटित की है, जहां गीता प्रेस 81 करोड़ रुपये का निवेश कर नई प्रिंटिंग यूनिट स्थापित करेगा। इससे लगभग 300 नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह फैसला न केवल गीता प्रेस के विस्तार को बढ़ावा देगा, बल्कि पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कुल मिलाकर, गीडा ने 39 निवेशकों को 22 एकड़ जमीन आवंटित की है, जिससे 238 करोड़ का निवेश और 1800 नौकरियां अपेक्षित हैं।
गीता प्रेस को क्यों मिली प्राथमिकता?
गीता प्रेस, जो 1923 में स्थापित हुई, पिछले 100 वर्षों से गोरखपुर के हिंदी बाजार की संकरी गलियों में संचालित हो रही है। यहां धार्मिक पुस्तकों, रामायण, महाभारत, भागवत गीता जैसी लाखों प्रतियां छपती हैं, जो देश-विदेश में बिकती हैं। लेकिन जगह की कमी, परिवहन की समस्या और पुरानी मशीनरी के कारण उत्पादन प्रभावित हो रहा था। प्रबंधन ने गीडा से भूमि आवंटन का अनुरोध किया, जिसे तुरंत स्वीकृति मिली।
गीडा के सीईओ की देखरेख में मंगलवार को आयोजित साक्षात्कार प्रक्रिया के बाद यह निर्णय लिया गया। गीता प्रेस के महामंत्री राधाकृष्ण दास गोयल ने कहा, “यह आवंटन हमारे लिए मील का पत्थर साबित होगा।
नई यूनिट में आधुनिक मशीनरी लगाकर हम उत्पादन दोगुना कर देंगे। धार्मिक साहित्य की बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। हम गीडा का आभार व्यक्त करते हैं।”
गीडा का बड़ा कदम: 39 निवेशकों को 22 एकड़ जमीन
गीडा ने एक ही साक्षात्कार में 39 निवेशकों को भूमि आवंटित की, जिसमें गीता प्रेस के अलावा अन्य 38 निवेशक शामिल हैं। इनका कुल प्रस्तावित निवेश 238 करोड़ रुपये है, जो 1800 से अधिक लोगों को रोजगार देगा।
अन्य निवेशक मुख्य रूप से फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से हैं। गीडा के एसीईओ रामप्रकाश ने बताया
साक्षात्कार के बाद सभी आवंटन पूरे हो गए। गीता प्रेस को सेक्टर 27 में 10 एकड़ जमीन मिली है। कुल 22 एकड़ भूमि पर 238 करोड़ का निवेश होगा, जिससे 1800 नौकरियां पैदा होंगी।
गीडा दिवस पर भव्य आयोजन होगा, जहां सभी को प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे।”
गीडा स्थापना दिवस 29 नवंबर 2025 को मनाया जाएगा। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ या अन्य वरिष्ठ अधिकारी मुख्य अतिथि हो सकते हैं।
कार्यक्रम में भूमि आवंटन के प्रमाण पत्र सौंपे जाएंगे। गीडा के अधिकारियों का कहना है कि
यह आयोजन गोरखपुर को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
गोरखपुर के औद्योगिक विकास में नया अध्याय
गोरखपुर लंबे समय से औद्योगिक पिछड़ेपन का शिकार रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में
गीडा ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
सेक्टर 27 में यह नई सुविधा न केवल गीता प्रेस को मजबूत करेगी, बल्कि आसपास के इलाकों में भी
रोजगार का प्रसार करेगी। स्थानीय युवा, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगारों के लिए यह सुनहरा अवसर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गीता प्रेस की नई यूनिट से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा,
क्योंकि गोरखपुर पहले से ही गीता प्रेस के कारण तीर्थस्थल के रूप में जाना जाता है।
इसके अलावा, गीडा ने अन्य सेक्टरों में भी विस्तार की योजना बनाई है।
फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स से किसानों को लाभ मिलेगा, जबकि टेक्सटाइल
निवेश से कुटीर उद्योग मजबूत होंगे। कुल मिलाकर,
2025 में गीडा के ये प्रयास गोरखपुर को उत्तर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक
केंद्र बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
भविष्य की योजनाएं और अपेक्षाएं
गीता प्रेस नई यूनिट में डिजिटल प्रिंटिंग और ई-बुक उत्पादन पर भी फोकस करेगा। इससे वैश्विक बाजार में पहुंच बढ़ेगी।
गीडा अधिकारियों ने कहा कि आवंटन के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा, और 2026 तक यूनिट चालू हो जाएगी।
स्थानीय व्यापारियों और निवेशकों में उत्साह है, क्योंकि यह विकास पूरे पूर्वांचल को लाभ पहुंचाएगा।
यह खबर गोरखपुरवासियों के लिए गर्व का विषय है। गीता प्रेस जैसी संस्था का विस्तार न केवल आर्थिक मजबूती देगा,
बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित करेगा।
जैसे ही 29 नवंबर का कार्यक्रम होगा, हम आपको अपडेट देंगे।
