उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेशवासियों को बड़ी राहत देते हुए बिजली उपभोक्ताओं के लिए “राहत योजना 2025” की घोषणा की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है – जिन उपभोक्ताओं पर बकाया बिजली बिल है, उन्हें आर्थिक राहत देकर नियमित भुगतान की ओर प्रोत्साहित करना।
यह योजना खासकर घरेलू और छोटे व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए बेहद लाभकारी साबित होने जा रही है।इस नई योजना के तहत सरकार ने सरचार्ज यानी लेट फीस या जुर्माना पूरी तरह माफ कर दिया है।
इसका अर्थ है कि यदि किसी उपभोक्ता ने लंबे समय से बिल नहीं भर पाया है और उस पर जुर्माना लग गया है, तो अब उसे सिर्फ मूल बिल की राशि चुकानी होगी। इतना ही नहीं, यदि वह एकमुश्त यानी “वन टाइम पेमेंट” करता है, तो उसे मूल बिल की रकम पर 25 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी।
यह घोषणा लखनऊ में ऊर्जा मंत्री द्वारा की गई, जहां उन्होंने बताया कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लाखों उपभोक्ताओं को इसका फायदा मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना के माध्यम से बिजली विभाग की वसूली भी बढ़े और नागरिकों को राहत भी मिले।
राज्य सरकार ने सभी विद्युत वितरण कंपनियों—पूर्वांचल, पश्चिमांचल, मध्यांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम—को आदेश दिया है कि वे इस योजना को युद्ध स्तर पर लागू करें और उपभोक्ताओं को अधिकतम सुविधा दें।योजना का लाभ कैसे मिलेगायोजना के लाभ के लिए सबसे जरूरी कदम है बिजली उपभोक्ता का अपना बकाया बिल जांचना और विभाग द्वारा निर्धारित पोर्टल या बिजलीघर पर जाकर आवेदन करना।
उपभोक्ता चाहे तो ऑनलाइन माध्यम से भुगतान कर सकता है या फिर अपने निकटतम विद्युत कार्यालय में जाकर भी आवेदन कर सकता है।जो लोग तुरंत पूरा भुगतान नहीं कर सकते, उनके लिए सरकार ने आसान किस्तों में भुगतान की भी व्यवस्था की है।
उपभोक्ता अपनी बकाया राशि को तीन से छह बराबर किश्तों में जमा कर सकता है। इस दौरान उस पर कोई नए ब्याज या अतिरिक्त शुल्क नहीं जोड़े जाएंगे। यह प्रावधान खासकर निम्न और मध्यम वर्ग के लिए राहत देने वाला कदम है।ऊर्जा विभाग के अनुसार, इस बार प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाया गया है।
उपभोक्ता को शिकायत निवारण के लिए हेल्पलाइन और पोर्टल दोनों की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।एकमुश्त भुगतान की विशेष छूटजिन उपभोक्ताओं के पास पर्याप्त आर्थिक संसाधन हैं, वे अपना पूरा बकाया एक बार में जमा कर देंगे तो ऐसे उपभोक्ताओं को 25 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।
उदाहरण के लिए, यदि किसी उपभोक्ता का बकाया मूल बिल 10,000 रुपए है, तो एक बार में भुगतान करने पर वह सिर्फ 7,500 रुपए में अपना पूरा बकाया निपटा सकता है।ऊर्जा मंत्री ने बताया कि यह कदम न केवल बकाया वसूली को बढ़ाएगा बल्कि उपभोक्ताओं के आर्थिक बोझ को भी हल्का करेगा।
विभाग का अनुमान है कि इस योजना से प्रदेशभर में करीब 80 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।सरकार का उद्देश्य और प्रभावइस राहत योजना का मुख्य लक्ष्य विद्युत विभाग की वित्तीय स्थिति को सुधारना और उपभोक्ताओं को विलंब शुल्क के बोझ से मुक्त करना है। लंबे समय से विभाग को बकाया वसूली में कठिनाइयाँ हो रही थीं, जिससे विद्युत क्षेत्र में राजस्व असंतुलन पैदा हो गया था।
अब छूट और किस्तों की सुविधा के कारण अधिकतर उपभोक्ता अपने बकाया निपटाने के लिए आगे आएंगे।यह योजना ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए भी उतनी ही लाभकारी है, जहाँ अक्सर आर्थिक तंगी की वजह से लोग अपना बिल समय पर नहीं भर पाते। अब किस्तों की सुविधाजनक व्यवस्था से गाँवों में भी वसूली सहज हो सकेगी।सरकार का मानना है कि यह योजना “दोनों के लिए फायदेमंद स्थिति” (Win-Win Situation) बनाएगी—एक ओर विभाग का राजस्व बढ़ेगा, दूसरी ओर नागरिकों को राहत मिलेगी।
योजना लागू करने की समय-सीमा और प्रक्रियाऊर्जा विभाग ने स्पष्ट किया है कि राहत योजना एक निर्धारित अवधि के लिए ही लागू रहेगी। अनुमान है कि यह योजना दिसंबर 2025 तक चलेगी। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे जल्दी से जल्दी इसका लाभ उठाएं क्योंकि समय सीमा समाप्त होने के बाद यह छूट या सरचार्ज माफी फिर से उपलब्ध नहीं होगी।
लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और अन्य जिलों के बिजली विभाग कार्यालयों में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं, जहाँ उपभोक्ता सीधे जाकर अपना बकाया निपटा सकते हैं। ऑनलाइन भुगतान करने वालों के लिए विभाग ने “UPPCL Urban Services” और “Rural Bill Payment Portal” जैसे प्लेटफॉर्म को सक्रिय किया है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि छूट का लाभ केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा जो पंजीकृत हैं और जिन्होंने पिछला मीटर रीडिंग या उपभोक्ता नंबर से संबंधित समस्याएँ दूर करा ली हैं।