उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में साइबर अपराधियों ने एक बड़ा ATM फ्रॉड रचा है। व्यस्त इलाके गोलघर में स्थित चार ATM से अपराधियों ने कुल 336 बार नकदी निकाली, जिससे बैंक को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। यह घटना बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। साइबर थाना पुलिस की जांच में सामने आया कि गोलघर पार्क रोड के ये ATM साइबर ठगी के हॉटस्पॉट बन गए थे, जहां से ठगी की रकम बार-बार निकाली गई।
गोलघर के ATM से 336 बार निकाली गई नकदी
जांच में पता चला कि गोलघर के चार ATM से कुल 336 बार संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुए। इनमें से एक ATM से अकेले करीब 130 बार पैसे निकाले गए। ट्रांजैक्शन अलग-अलग समय पर किए गए, जिससे बैंक की निगरानी प्रणाली को शक नहीं हुआ। बाद में बैंक ऑडिट और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड जांच में यह बड़ा घोटाला सामने आया। पिछले एक साल में साइबर ठगी से करीब 10 करोड़ रुपये की निकासी हुई है, जिसमें गोलघर का बड़ा हिस्सा है।
साइबर अपराधियों की तकनीक
विशेषज्ञों के अनुसार, अपराधियों ने कार्ड क्लोनिंग, स्किमिंग डिवाइस, या अन्य डिजिटल तरीकों से ATM सिस्टम की कमजोरी का फायदा उठाया। संगठित साइबर गिरोह ने म्यूल अकाउंट्स में ठगी की रकम ट्रांसफर कर ATM से कैश निकाला। लंबे समय तक यह फर्जीवाड़ा चलता रहा, लेकिन बैंक की सिस्टम इसे पकड़ नहीं पाई।
बैंक अधिकारियों को भेजा गया नोटिस
घटना सामने आने पर साइबर पुलिस ने संबंधित बैंक प्रबंधकों को नोटिस जारी किया। उनसे पूछा गया कि इतनी बड़ी संख्या में ट्रांजैक्शन होने के बावजूद निगरानी कैसे विफल हुई। बैंक ने जांच के लिए विशेष टीम गठित की है। ATM के CCTV फुटेज, ट्रांजैक्शन डेटा और सर्वर लॉग की जांच शुरू हो गई है।
साइबर अपराधियों की तलाश तेज
पुलिस और साइबर सेल टीम जांच में जुटी है। ATM आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि संदिग्धों की पहचान हो सके। बैंक सर्वर डेटा से ट्रांजैक्शन के स्रोत (कार्ड या नेटवर्क) का पता लगाया जा रहा है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना से बैंकिंग सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि ATM मशीनों में स्किमिंग
डिवाइस डिटेक्शन, रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और मजबूत एन्क्रिप्शन की जरूरत है। ग्राहकों को सलाह: कार्ड और
PIN सुरक्षित रखें, संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत बैंक/पुलिस को सूचित करें।
पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
पुलिस ने अपील की है कि ATM उपयोग करते समय सतर्क रहें।
अज्ञात व्यक्ति की मदद न लें। यदि मशीन में
गड़बड़ी दिखे या स्किमर जैसा कुछ लगे तो तुरंत सूचना दें। साइबर अपराध रोकने के लिए जागरूकता जरूरी है।
गोलघर ATM फ्रॉड गोरखपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला है। 336 बार निकासी से
सुरक्षा की कमजोरी उजागर हुई है। पुलिस और बैंक की सख्त कार्रवाई से अपराधियों पर लगाम लगेगी।
नागरिकों को सतर्क रहना होगा ताकि ऐसे घोटाले रोके जा सकें।
