FASTag और बैंक छुट्टियों में बड़े बदलाव
नई दिल्ली: 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के साथ ही कई जरूरी वस्तुओं और सेवाओं के नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। एलपीजी सिलेंडर से लेकर सिगरेट, CNG-PNG, हवाई ईंधन, FASTag और बैंक छुट्टियों तक – आइए जानते हैं क्या-क्या बदलेगा।
LPG सिलेंडर कीमतों में संभावित बढ़ोतरी
वित्त वर्ष के अंतिम महीने में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें आमतौर पर बढ़ती हैं। 1 फरवरी से घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलो) पर सब्सिडी में कटौती या अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल कीमतों के आधार पर ₹50-₹150 तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वाणिज्यिक सिलेंडर पहले से ही महंगे हैं। Ujjwala योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी जारी रहेगी, लेकिन सामान्य उपभोक्ताओं को अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है।
CNG और PNG कीमतों में इजाफा
प्राकृतिक गैस की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल के कारण 1 फरवरी से CNG और PNG के दाम बढ़ने की संभावना है। दिल्ली-NCR, मुंबई, गुजरात और अन्य शहरों में CNG की कीमत ₹5-₹10 प्रति किलो तक बढ़ सकती है। घरेलू PNG के लिए भी प्रति SCM ₹2-₹4 का इजाफा संभव है। इससे ऑटो, टैक्सी और घरेलू रसोई का खर्च बढ़ेगा।
सिगरेट, पान मसाला और तंबाकू उत्पाद महंगे
बजट में एक्साइज ड्यूटी बढ़ोतरी की उम्मीद है। सिगरेट पर 10-15% तक ड्यूटी बढ़ सकती है। फिल्टर वाली सिगरेट की कीमत ₹10-₹20 प्रति पैकेट तक बढ़ सकती है। पान मसाला, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पादों पर भी भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम धूम्रपान कम करने में मदद करेगा, लेकिन उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ बढ़ेगा।
एयरफ्यूल (ATF) कीमतों में बदलाव
हवाई ईंधन (ATF) की कीमतें 1 फरवरी से बढ़ सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय जेट फ्यूल कीमतों में उछाल के कारण घरेलू उड़ानों का किराया 5-10% तक महंगा हो सकता है। दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-गोरखपुर, वाराणसी-दिल्ली जैसी रूट्स पर असर दिखेगा।
FASTag नियमों में सख्ती
1 फरवरी से FASTag नियम और सख्त हो रहे हैं।
न्यूनतम बैलेंस ₹200 रखना अनिवार्य होगा। यदि बैलेंस कम हुआ तो
टोल प्लाजा पर डबल चार्ज लगेगा। KYC अपडेट न करने पर FASTag ब्लॉक हो सकता है।
NHAI ने सभी यूजर्स को KYC पूरा करने की समयसीमा बढ़ाई है।
बैंक छुट्टियां और अन्य बदलाव
फरवरी 2026 में कई राज्यों में बैंक छुट्टियां हैं – महाशिवरात्रि, बसंत पंचमी आदि।
1 फरवरी से RBI के नए नियमों के तहत डिजिटल ट्रांजेक्शन पर फोकस बढ़ेगा।
UPI लिमिट में बदलाव या छोटे बैंकों के मर्जर का असर भी दिख सकता है।
आम आदमी पर कुल असर
ये बदलाव घरेलू बजट, यात्रा, धूम्रपान और रोजमर्रा के खर्च को प्रभावित करेंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि
महंगाई नियंत्रण के लिए सरकार सतर्क है, लेकिन वैश्विक कारकों से बचना मुश्किल है।
बजट में राहत पैकेज या सब्सिडी बढ़ोतरी की उम्मीद बनी हुई है।
1 फरवरी 2026 से पहले अपनी जरूरतों का हिसाब लगा लें और बजट के बाद अपडेट रहें।
ये बदलाव आपकी जेब पर कितना असर डालेंगे, यह बजट भाषण के बाद साफ होगा