उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर
यूपी में बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव
उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है। अब सभी नए कनेक्शन स्मार्ट मीटर के रूप में तो दिए जाएंगे लेकिन प्रीपेड मोड पूरी तरह से उपभोक्ता की पसंद पर निर्भर करेगा।
क्या है नया नियम
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा 1 अप्रैल 2026 को जारी अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि अब प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं होगा। जहां संचार नेटवर्क उपलब्ध है वहां स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे लेकिन उपभोक्ता यह तय करेगा कि वह प्रीपेड मोड चाहता है या पोस्टपेड।
यह बदलाव विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के तहत किया गया है जिसमें पहले दोनों विकल्प मौजूद थे लेकिन व्यवहार में अधिकतर जगह प्रीपेड मीटर ही लगाए जा रहे थे।
पहले क्या थी स्थिति
प्रदेश में अब तक करीब 78 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं जिनमें से लगभग 70 लाख प्रीपेड मीटर हैं। नए बिजली कनेक्शनों पर भी लगातार प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे थे जिससे कई उपभोक्ता असंतुष्ट थे।
उपभोक्ता परिषद की मांग रंग लाई
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद लंबे समय से प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता का विरोध कर रही थी। परिषद के
अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि यह फैसला देशभर के उपभोक्ताओं की जीत है।
अब नई व्यवस्था के तहत स्मार्ट मीटर तो लगाए जाएंगे लेकिन
प्रीपेड सिस्टम केवल उपभोक्ता की सहमति से ही लागू होगा।
उपभोक्ताओं को क्या मिलेगा फायदा
इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं को अपनी सुविधा के अनुसार बिजली भुगतान का विकल्प मिलेगा। जो लोग पहले से
बिल भुगतान करना चाहते हैं वे प्रीपेड चुन सकते हैं जबकि अन्य लोग पोस्टपेड सिस्टम का उपयोग कर सकेंगे।
इससे उपभोक्ताओं पर जबरन किसी एक प्रणाली को थोपने की स्थिति खत्म हो जाएगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
बिजली व्यवस्था सुधारने के निर्देश
ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव डा. आशीष कुमार गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गर्मियों में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए पूरी तैयारी रखी जाए। ट्रांसमिशन लाइनों की ट्रिपिंग रोकने और बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
सभी उपकेंद्रों का निरीक्षण करने, फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल कराने और
ट्रांसफार्मर की स्थिति का विश्लेषण करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
गर्मियों में नहीं होगी बिजली कटौती की समस्या
सरकार का लक्ष्य है कि गर्मी के मौसम में बिजली आपूर्ति बाधित न हो।
अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि
किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर लिया गया यह फैसला उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है।
प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म होने से लोगों को अब अपनी सुविधा के
अनुसार विकल्प चुनने की आजादी मिलेगी और बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
