राजेश गुप्ता का सफर: AAP से BJP तक का मोड़
राजेश गुप्ता AAP के उन चुनिंदा नेताओं में शुमार थे, जिन्होंने पार्टी की स्थापना से ही अथक परिश्रम किया। दिल्ली उपाध्यक्ष के अलावा वे राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में पार्टी की आवाज बने रहे और कर्नाटक जैसे राज्यों में संगठन विस्तार में अहम भूमिका निभाई। केजरीवाल के करीबी होने के बावजूद, गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक होकर कहा, “मैंने AAP के लिए 10 साल कड़ी मेहनत की, लेकिन सब भूल गए। अरविंद केजरीवाल तो मेरा फोन तक नहीं उठाते, और राज्य अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भी बात नहीं करते।” यह व्यक्तिगत उपेक्षा ही वह प्रमुख कारण बनी, जिसने उन्हें BJP की ओर धकेल दिया।
गुप्ता ने BJP जॉइन करने का फैसला लेते हुए कहा कि AAP मूल विचारधारा से भटक गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है, जो उसके स्थापना के वादों के एकदम उलट है। “AAP विचारधारा से भटक गई है और भ्रष्टाचार के दलदल में डूब गई है,” गुप्ता ने आंखों में आंसू लिए कहा। इसके विपरीत, उन्होंने BJP की तारीफ की और कहा, “मैं विकास और राष्ट्रवाद के रास्ते पर BJP के साथ चलूंगा।”
आरोपों का केंद्र: केजरीवाल और AAP पर क्या बोला गुप्ता?
गुप्ता के आरोपों ने AAP को बैकफुट पर ला दिया है। उन्होंने केजरीवाल पर सीधा निशाना साधा – “केजरीवाल जी मेरा फोन नहीं उठाते।” राज्य अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज पर भी उपेक्षा का इल्जाम लगाया। सबसे गंभीर आरोप पार्टी की कार्यप्रणाली पर था। गुप्ता ने दावा किया कि AAP ने भ्रष्टाचार को न केवल बर्दाश्त किया, बल्कि उसे बढ़ावा भी दिया। यह आरोप उस समय आया है जब AAP दिल्ली सरकार में भ्रष्टाचार के कई मामलों से जूझ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये आरोप MCD उपचुनावों में AAP के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं, जहां पार्टी अपनी साख बचाने की जद्दोजहद में है।
गुप्ता ने AAP की आंतरिक कलह को भी उजागर किया। उनका कहना था कि पार्टी में अब पुराने कार्यकर्ताओं की कोई सुनवाई नहीं होती। यह स्विचओवर AAP के लिए सिर्फ एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि संगठनात्मक कमजोरी का संकेत है।
BJP का जोरदार स्वागत: “AAP का नुकसान, हमारी ताकत”
BJP ने राजेश गुप्ता के शामिल होने को अपनी बड़ी जीत बताया। दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सच्चदेवा ने समारोह में उनका स्वागत करते हुए कहा, “AAP का ‘डिजास्टर’ अब BJP की ताकत बनेगा।” पार्टी नेताओं ने इसे AAP की कमजोरी का प्रमाण माना और दावा किया कि ऐसे और कई नेता BJP में आएंगे। BJP का यह रणनीतिक कदम MCD उपचुनावों से पहले विपक्षी दलों को कमजोर करने का हिस्सा लगता है। सच्चदेवा ने कहा कि गुप्ता जैसे अनुभवी नेता दिल्ली के विकास में योगदान देंगे।
AAP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी के अंदर खलबली मच गई है।
यह घटना AAP के दिल्ली विधानसभा
चुनावों की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर रही है।
राजनीतिक निहितार्थ: दिल्ली सियासत में नया ट्विस्ट
यह स्विचओवर दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।
MCD उपचुनावों में AAP को पहले से ही चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है,
और गुप्ता जैसे वरिष्ठ नेता का जाना पार्टी की छवि को धक्का पहुंचाएगा।
BJP इसे अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश करेगी, खासकर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर।
गुप्ता ने कहा कि वे BJP के विकासोन्मुख नीतियों से प्रेरित हैं
और दिल्ली को राष्ट्रवादी दिशा देंगे।
विश्लेषकों का कहना है कि AAP को अब आंतरिक एकता पर फोकस करना होगा।
केजरीवाल सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप पहले से ही लग रहे हैं,
और यह घटना उन्हें और मजबूत कर सकती है