महंगाई का बड़ा झटका: लखनऊ में पेट्रोल-डीजल और CNG के दाम बढ़े, आम जनता परेशान

राजधानी लखनऊ में बढ़े ईंधन के दाम

लखनऊ में शुक्रवार सुबह से पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। पहले से ही महंगाई और गैस संकट से जूझ रहे लोगों को अब ईंधन के बढ़े हुए दामों का बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल की कीमत में 2 रुपये 84 पैसे और डीजल में 3 रुपये 01 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही सीएनजी के दाम भी 2 रुपये तक बढ़ा दिए गए हैं।

नई कीमतों के अनुसार अब लखनऊ में पेट्रोल 97.55 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.82 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। वहीं सीएनजी की कीमत 98 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। ईंधन के दाम बढ़ने से आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।

क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई से जुड़ी समस्याओं के कारण ईंधन की कीमतों में लगातार दबाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी होने की आशंका भी जताई जा रही है।

ग्रीन गैस लिमिटेड के एजीएम प्रवीण सिंह के अनुसार लखनऊ, अयोध्या, सुल्तानपुर, उन्नाव और आगरा में फिलहाल संशोधित कीमतें लागू की गई हैं। उन्होंने बताया कि सीएनजी की कीमतों में पहले ही 2 रुपये की बढ़ोतरी की जा चुकी थी और अभी वही दरें लागू हैं।

आम जनता पर बढ़ा महंगाई का असर

ईंधन की कीमतें बढ़ने का सीधा असर आम लोगों के बजट पर पड़ता है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ती है, जिससे खाने-पीने की चीजों समेत रोजमर्रा के सामान भी महंगे हो सकते हैं। सीएनजी के दाम बढ़ने से ऑटो, टैक्सी और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का किराया भी प्रभावित हो सकता है।

लोगों का कहना है कि पहले से ही बढ़ती महंगाई ने घरेलू बजट बिगाड़ रखा है, ऐसे में ईंधन के बढ़े हुए दामों ने परेशानी और बढ़ा दी है।

प्रधानमंत्री की अपील के बाद बदले नेताओं के तरीके

Narendra Modi की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील के बाद उत्तर प्रदेश में कई बड़े नेताओं और

अधिकारियों ने अपने वाहनों के इस्तेमाल में बदलाव शुरू कर दिया है।

Yogi Adityanath के काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर दी गई है।

वहीं प्रदेश के वित्त मंत्री Suresh Khanna साइकिल से विधानभवन पहुंचे।

मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ई-रिक्शा से अपने कार्यालय पहुंचे।

इलेक्ट्रिक और वैकल्पिक साधनों की ओर बढ़ रहा रुझान

Dayashankar Mishra ने वाराणसी में इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल शुरू किया है। वहीं कई नगर निगम

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी ईंधन बचाने के लिए नए कदम उठाए हैं।

Ravi Kishan ने अपना काफिला छोटा कर दिया है। अयोध्या और गोरखपुर में भी

कई जनप्रतिनिधियों ने सुरक्षा वाहनों का उपयोग कम कर दिया है। इससे आम जनता के बीच ईंधन बचत और

पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

आगे और बढ़ सकते हैं दाम

जानकारों का मानना है कि यह बढ़ोतरी सिर्फ शुरुआत हो सकती है।

यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती रहीं तो

आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों में और इजाफा हो सकता है।

ऐसे में लोगों को आने वाले दिनों में और महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।

लखनऊ में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ी हुई कीमतों ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है।

ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहेगा,

बल्कि इसका प्रभाव रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं पर भी देखने को मिल सकता है।

सरकार और प्रशासन ईंधन बचत को लेकर लगातार अपील कर रहे हैं,

लेकिन बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।