सोनभद्र हादसा
सोनभद्र जिले में दर्दनाक हादसा
सोनभद्र जिले के म्योरपुर क्षेत्र में स्थित किरवानी जंगल में एक बड़ा हादसा हुआ है।
सफेद मिट्टी (चूना मिट्टी) निकालने के दौरान मिट्टी का टीला अचानक ढह गया।
इस हादसे में तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई।
कई अन्य लोग मिट्टी में दब गए हैं।
राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है।
हादसे का पूरा विवरण
स्थानीय लोग सफेद मिट्टी निकालने के लिए जंगल में गए थे।
मिट्टी का टीला काफी ऊंचा था।
अचानक टीले का एक बड़ा हिस्सा ढह गया।
तीन महिलाएं पूरी तरह मिट्टी में दब गईं।
उनकी मौत मौके पर ही हो गई।
अन्य लोग भी आंशिक रूप से दबे।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंचे।
राहत-बचाव कार्य में जुटी टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई है।
स्थानीय पुलिस, ग्रामीण और वन विभाग के कर्मचारी भी बचाव में जुटे हैं।
बुलडोजर और जेसीबी मशीनों की मदद से मिट्टी हटाई जा रही है।
दबे हुए लोगों को निकालने के लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है।
घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
प्रशासन ने बताया कि अभी भी कुछ लोग दबे होने की आशंका है।
परिजनों में कोहराम
मृतक महिलाओं के परिजन सदमे में हैं।
परिवार वाले रो-रोकर बेहाल हैं।
स्थानीय लोग भी घटना से स्तब्ध हैं।
सफेद मिट्टी निकालना यहां के गरीब परिवारों का मुख्य काम है।
इस हादसे ने खनन की असुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
प्रशासन की कार्रवाई और अपील
जिला प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने का ऐलान किया गया है।
घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि असुरक्षित जगहों पर मिट्टी या खनन का काम न करें।
जंगल में टीले ढहने का खतरा हमेशा रहता है।
सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल जरूरी है।
सफेद मिट्टी खनन की खतरनाकी
सोनभद्र में सफेद मिट्टी निकालना कई परिवारों की आजीविका है।
लेकिन बिना सुरक्षा के काम करने से ऐसे हादसे आम हो गए हैं।
प्रशासन ने पहले भी चेतावनी जारी की थी।
फिर भी लोग मजबूरी में जोखिम उठाते हैं।
यह हादसा खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की सख्त जरूरत दिखाता है।
राहत कार्य जारी रहेगा
प्रशासन का कहना है कि बचाव कार्य रात भर जारी रहेगा।
एनडीआरएफ की टीम ने विशेष उपकरणों के साथ ऑपरेशन तेज कर दिया है।
जितने जल्दी हो सके उतने लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है।
परिवारों के साथ पूरा प्रशासन संवेदनशीलता से जुड़ा हुआ है।
ऐसे हादसों से बचाव के लिए जागरूकता और सख्त नियम जरूरी हैं।
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